35 आदिवासी बच्चों की मौत के बाद एमपी के ज़िले के कुछ हिस्सों को महामारी प्रभावित क्षेत्र घोषित करने की मांग, सुप्रीम कोर्ट ने मांगा जवाब
Shahadat
9 Oct 2026 8:09 PM IST

सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर की गई। इसमें मांग की गई कि मध्य प्रदेश के बालाघाट ज़िले के बैगा-बहुल बिरसा और बैहर ब्लॉक को 'महामारी रोग अधिनियम, 1897' के तहत महामारी प्रभावित क्षेत्र घोषित किया जाए। यह मांग खसरा-रूबेला और गंभीर कुपोषण के कारण 30 से ज़्यादा आदिवासी बच्चों की मौत के बाद की गई।
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने याचिकाकर्ता की ओर से वकील वरुण ठाकुर की दलीलें सुनने के बाद केंद्र सरकार, राज्य सरकार, NHRC और अन्य संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया।
याचिका में आरोप लगाया गया कि प्रशासनिक लापरवाही, अपर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं, कुपोषण और समय पर टीकाकरण न हो पाने के कारण दूर-दराज़ के आदिवासी इलाकों में बच्चों की मौत हुई। याचिका में प्रभावित परिवारों के लिए मुआवज़े, सुरक्षित पेयजल और पौष्टिक भोजन की व्यवस्था करने, और आदिवासी समुदाय के लिए सरकारी कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने की मांग की गई।
याचिका में कहा गया,
"उनके आवास और अस्तित्व की रक्षा के लिए विशेष रूप से बनाए गए मज़बूत कानूनी ढांचे के बावजूद, सरकारी तंत्र ने भारी विफलता दिखाई है। इसके कारण एक इलाज योग्य वायरल संक्रमण ने पहले से ही कमज़ोर आबादी को भारी नुकसान पहुंचाया है। जनवरी 2026 में ही ज़िला प्रशासन और जन प्रतिनिधियों को स्पष्ट लिखित चेतावनी दिए जाने के बावजूद, सरकारी तंत्र नौकरशाही की सुस्ती में डूबा रहा।"
खबरों के अनुसार, प्रभावित इलाकों में खसरा-रूबेला के प्रकोप और गंभीर कुपोषण के कारण 'विशेष रूप से कमज़ोर आदिवासी समूह' (PVTG) के 35 से ज़्यादा बच्चों की मौत हो चुकी है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि स्थिति के बारे में सूचित किए जाने के बावजूद प्रशासन बीमारी की पर्याप्त निगरानी करने, ज़रूरी दवाएं उपलब्ध कराने और मेडिकल टीमें तैनात करने में विफल रहा।
Case Title : Ajab Lal Lilhare v. Union of India

