सुप्रीम कोर्ट ने UAPA के तहत 12 साल से जेल में बंद दो आरोपियों की ज़मानत याचिकाओं पर दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा
Shahadat
18 Jun 2026 9:05 AM IST

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (17 जून) को उन दो विचाराधीन कैदियों की ज़मानत याचिकाओं पर नोटिस जारी किया, जो 'गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम' (UAPA) के तहत मामले में 12 साल से ज़्यादा समय से हिरासत में हैं।
जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. एम. पंचोली की बेंच ने दिल्ली पुलिस को 20 जुलाई तक अपना जवाब (काउंटर एफिडेविट) दाखिल करने का निर्देश दिया और मामले की सुनवाई 28 जुलाई के लिए तय की।
याचिकाकर्ताओं साकिब अंसारी और वकार अज़हर को मार्च 2014 में गिरफ़्तार किया गया। उन पर 'गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम, 1967' (UAPA) की धाराओं 18, 18A, 19 और 20 के तहत प्रतिबंधित संगठन 'इंडियन मुजाहिदीन' का सदस्य होने और उससे जुड़े होने का आरोप लगाया गया। ये दोनों अभी भी जेल में हैं और अपनी कैद के 13वें साल में हैं। वे उस ट्रायल के पूरा होने का इंतज़ार कर रहे हैं, जिसमें काफ़ी समय लगने की संभावना है, क्योंकि अभियोजन पक्ष ने लगभग 600 गवाहों की सूची बनाई।
बेंच आरोपियों द्वारा दिल्ली हाईकोर्ट के 24 अप्रैल, 2026 के उस आदेश के ख़िलाफ़ दायर दो अपीलों पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें दोनों की ज़मानत याचिका खारिज की गई।
Case : MOHD. SAQUIB ANSARI v. STATE | SLP (Crl) 11369/2026

