सुप्रीम कोर्ट ने BYJU'S की विदेशी कंपनियों की बिक्री पर अवमानना कार्यवाही में हाईकोर्ट के आदेशों पर लगाई रोक

Praveen Mishra

8 Dec 2025 6:45 PM IST

  • सुप्रीम कोर्ट ने BYJUS  की विदेशी कंपनियों की बिक्री पर अवमानना कार्यवाही में हाईकोर्ट के आदेशों पर लगाई रोक

    सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केरल हाई कोर्ट के उन आदेशों पर अंतरिम रोक लगा दी, जिनमें Byju's के Resolution Professional शैलेन्द्र अजमेरा, GLAS Trust के प्रतिनिधि सुनील थॉमस, और Ernst & Young के चेयरमैन राजीव मेमानी को Epic! Creations Inc. और Tangible Play Inc. की बिक्री के सिलसिले में शुरू की गई अवमानना कार्यवाही में व्यक्तिगत रूप से हाई कोर्ट में पेश होने के लिए कहा गया था।

    जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस अतुल चन्द्रुकार — ने सुनील थॉमस द्वारा दायर अपील पर नोटिस जारी किया और कहा:

    “फिलहाल 21.11.2025 और 27.11.2025 के हाई कोर्ट के आदेशों का संचालन स्थगित रखा जाता है।”

    मामले की पृष्ठभूमि

    दुबई स्थित टेक कंपनी Voizzit Technology Pvt. Ltd. ने दावा किया था कि वह Byju's की अमेरिकी सहायक कंपनियों Epic और Tangible Play की मालिक है। इसी विवाद में हाई कोर्ट ने शुरू में US Chapter 11 Trustee क्लाउडिया स्प्रिंगर को Epic की संपत्तियों का निरस्तीकरण करने से रोका था, जब तक कि एर्नाकुलम की वाणिज्यिक अदालत वॉइज़िट की याचिका पर निर्णय न दे दे।

    बाद में 27 मई 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने यह रोक हटा दी, यह कहते हुए कि यह आदेश स्प्रिंगर को सुने बिना पारित किया गया था। बाद में, 4 जून 2025 को हाई कोर्ट ने पाया कि Epic का अधिग्रहण 20 मई 2025 को पहले ही हो चुका था, इसलिए मामला निष्प्रभावी हो गया।

    इसके बाद Voizzit ने हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की, आरोप लगाते हुए कि बीच में जारी हुई स्टे ऑर्डर का उल्लंघन किया गया है।

    जिन लोगों को नोटिस जारी हुए

    अवमानना केस में जिनको नोटिस या व्यक्तिगत उपस्थिति के लिए बुलाया गया, उनमें शामिल हैं:

    रिजू रवीन्द्रन (MD, Think & Learn Pvt. Ltd./Byju's)

    क्लाउडिया स्प्रिंगर

    संजय गुप्ता (Google India)

    जी.एस. अर्जुन कुमार (Amazon India)

    अनंत माहेश्वरी (Microsoft India)

    तरुण पॉपली (Stripe India)

    आशीष चौधरी (Apple India)

    21 और 27 नवंबर के हाई कोर्ट आदेश

    21 नवंबर 2025 को हाई कोर्ट ने अवमानना कार्यवाही में कई नए व्यक्तियों को जोड़े जाने की अनुमति दी और उन्हें शो-कॉज़ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। इन नए प्रतिवादियों में शामिल थे:

    शैलेन्द्र अजमेरा,

    सुनील थॉमस,

    राजीव मेमानी और Ernst & Young LLP के तीन अन्य अधिकारी,

    रवि मित्तल (चेयरपर्सन, IBBI),

    SFIO और CBI के निदेशक।

    27 नवंबर 2025 को हाई कोर्ट ने अजमेरा, थॉमस और मेमानी को एक सप्ताह में जवाब दाखिल करने और 5 दिसंबर 2025 को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया था।

    इन्हीं आदेशों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है।

    Praveen Mishra

    Praveen Mishra

    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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