जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन: सुप्रीम कोर्ट में PIL, दिल्ली पुलिस की FIR की सही जांच की मांग

Shahadat

17 Aug 2026 10:19 AM IST

  • जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन: सुप्रीम कोर्ट में PIL, दिल्ली पुलिस की FIR की सही जांच की मांग

    सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दायर की गई। इसमें मांग की गई कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद दर्ज FIR की पुलिस जांच में दखल न दिया जाए।

    बता दें, 20 जुलाई को 'संसद चलो' प्रदर्शन का आह्वान 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) ने NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों को लेकर किया। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने कथित हिंसा को लेकर प्रदर्शनकारी छात्रों और अन्य लोगों के खिलाफ कई FIR दर्ज की थीं।

    जनता के भारी विरोध के बाद 3 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अधिकारी विरोध प्रदर्शनों के संबंध में छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR को बंद या वापस ले सकते हैं। देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों को खत्म करने के लिए CJP नेताओं के साथ बातचीत के दौरान केंद्र सरकार इन FIR को वापस लेने की शर्त पर सहमत हुई थी।

    एल रामनाथन द्वारा दायर इस याचिका में CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके और वकील शैलेंद्र मणि त्रिपाठी को पक्षकार बनाया गया। शैलेंद्र मणि त्रिपाठी ने जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ PIL दायर की थी।

    याचिका में यह घोषणा करने की मांग की गई कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराधों की जांच करने और दोषियों को सजा दिलाने के मामले में पुलिस, न्यायपालिका की तरह ही संप्रभु और स्वतंत्र है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि पुलिस के संप्रभु कार्यों में तब तक कोई हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता, जब तक कि पुलिस ने कानून के खिलाफ काम न किया हो, जो कि तथ्य का एक विवादित प्रश्न है।

    याचिका में केंद्र सरकार, दिल्ली पुलिस कमिश्नर और दिल्ली सरकार को निर्देश देने की मांग की गई कि वे यह सुनिश्चित करें कि जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन को लेकर दर्ज FIR की जांच स्वतंत्र, निष्पक्ष और कानून के अनुसार की जाए।

    शैलेंद्र मणि त्रिपाठी की याचिका के संदर्भ में, याचिकाकर्ता का कहना है कि हालांकि ज्यादती की कथित घटनाओं की जांच और समाधान किया जाना चाहिए, लेकिन चल रही पुलिस जांच को रोकने या नियंत्रित करने वाले अंतरिम निर्देश जारी करने से संवैधानिक चिंता पैदा होती है।

    यह याचिका AoR लिंटो KB के माध्यम से दायर की गई।

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