बिजली का अधिकार Article 21 का अभिन्न हिस्सा, AP हाईकोर्ट ने बिजली कनेक्शन की अर्जी बहाल की
Praveen Mishra
12 Aug 2026 12:22 AM IST

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि बिजली का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार का अभिन्न हिस्सा है। कोर्ट ने फ्लोर मिल शुरू करने के लिए बिजली कनेक्शन मांगने वाले व्यक्ति की अर्जी को बिना कारण बताए “Permanently Rejected” करने के फैसले को रद्द कर दिया।
जस्टिस महेश्वर राव कुंचेम ने विजयनगरम के एक निवासी की याचिका पर यह आदेश दिया। याचिकाकर्ता ने फ्लोर मिल शुरू करने के लिए जरूरी शुल्क जमा कर ग्राम पंचायत से NOC भी प्राप्त किया था।
कोर्ट ने कहा कि भले ही आवेदन में कोई कमी रही हो, बिजली वितरण कंपनी को अस्वीकृति के स्पष्ट कारण बताना जरूरी था। बिना कारण ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन को “Permanently Rejected” करना अवैध और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है।
बिजली कंपनी ने परिसर में पहले मौजूद कनेक्शन के बकाये का हवाला दिया, लेकिन कोर्ट ने पाया कि इस संबंध में कोई बिल या दस्तावेज पेश नहीं किया गया और न ही यही आवेदन खारिज करने का आधार बताया गया था।
हाईकोर्ट ने कंपनी को आवेदन पर दोबारा विचार कर Electricity Act, 2003 की धारा 43 और संबंधित नियमों के अनुसार दो सप्ताह में प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने राज्य सरकार को बिजली कनेक्शन आवेदनों की त्रैमासिक रिपोर्ट की व्यवस्था करने और कानून के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाने का भी निर्देश दिया।


