शादीशुदा बेटे की मां भी फैमिली मेंबर सर्टिफिकेट के लिए आवेदन कर सकती है: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट
Praveen Mishra
22 Sept 2026 4:51 PM IST

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी सरकारी कर्मचारी की मां, उसके विवाहित होने और पत्नी या बच्चों के मौजूद होने के बावजूद फैमिली मेंबर सर्टिफिकेट के लिए स्वतंत्र रूप से आवेदन कर सकती है।
जस्टिस बी. एस. भानुमति की एकल पीठ ने तहसीलदार द्वारा मां के आवेदन को खारिज करने वाला आदेश रद्द कर दिया। कोर्ट ने तहसीलदार को G.O.Ms.No.145, Revenue (SER.II) Department में निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए प्रमाणपत्र जारी करने का निर्देश दिया।
क्या है मामला?
मामला एक पुलिस कांस्टेबल की मां से जुड़ा है, जिसकी सेवा के दौरान मृत्यु हो गई थी। मां ने सरकारी लाभ प्राप्त करने के लिए फैमिली मेंबर सर्टिफिकेट के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। वह अपने बेटे के सेवा रिकॉर्ड में नामांकित व्यक्ति (nominee) भी थीं।
हालांकि, तहसीलदार ने आवेदन यह कहते हुए खारिज कर दिया कि मृतक विवाहित था, इसलिए उसकी पत्नी और बच्चे ही उसके परिवार के सदस्य माने जाएंगे।
तहसीलदार ने यह भी कहा था कि मृतक की पत्नी ने प्रमाणपत्र के लिए आवेदन नहीं किया है और उसके आवेदन पर उचित जांच के बाद विचार किया जा सकता है।
मां को पत्नी के आवेदन का इंतजार करने की जरूरत नहीं
हाईकोर्ट ने कहा कि मृतक सरकारी कर्मचारी की मां, पत्नी या बच्चों की मौजूदगी में भी कानूनी वारिस और परिवार की सदस्य हो सकती है।
कोर्ट ने कहा कि मां को इस आधार पर प्रमाणपत्र के लिए आवेदन करने से नहीं रोका जा सकता कि मृतक की पत्नी बाद में आवेदन कर सकती है।
अदालत ने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान यदि अन्य परिवार के सदस्य भी प्रमाणपत्र के लिए पात्र पाए जाते हैं, तो उनके नाम भी प्रमाणपत्र में शामिल किए जा सकते हैं।
तहसीलदार को तय प्रक्रिया अपनाने का निर्देश
कोर्ट ने कहा कि G.O.Ms.No.145 के तहत तहसीलदार को सात दिन का नोटिस जारी करने, जांच करने और पंचनामा दर्ज करने जैसी निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा।
हाईकोर्ट ने तहसीलदार के आदेश को “प्रथम दृष्टया अवैध” माना और उसे रद्द कर दिया।
कोर्ट ने निर्देश दिया कि यदि जांच में याचिकाकर्ता मृतक की मां पाई जाती हैं, तो उनके नाम से फैमिली मेंबर सर्टिफिकेट जारी किया जाए और जांच में पात्र पाए जाने वाले अन्य परिवार के सदस्यों के नाम भी उसमें शामिल किए जाएं।
याचिका स्वीकार कर ली गई।

