अवमानना कार्यवाही बंद करने के आदेश के खिलाफ धारा 19 में अपील नहीं: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट

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    आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा है कि Contempt of Courts Act, 1971 की धारा 19 के तहत अपील तभी की जा सकती है, जब हाईकोर्ट ने अवमानना के लिए सजा देने का आदेश पारित किया हो।

    जस्टिस रवि नाथ तिलहरी और जस्टिस सुभेंदु सामंता की खंडपीठ ने कहा कि यदि अदालत रिट याचिका के निर्देशों का पालन होने के बाद अवमानना कार्यवाही बंद कर देती है, तो उस आदेश के खिलाफ धारा 19 के तहत अपील सुनवाई योग्य नहीं होगी।

    मामले में याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि रिट कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं किया गया। बाद में अदालत ने निर्देशों का पालन होने की बात दर्ज करते हुए अवमानना मामला बंद कर दिया।

    इसके खिलाफ धारा 19 के तहत अपील दायर की गई। हाईकोर्ट ने कहा कि संबंधित आदेश में प्रतिवादियों को अवमानना का दोषी नहीं ठहराया गया और न ही कोई सजा दी गई। इसलिए धारा 19 के तहत अपील सुनवाई योग्य नहीं है।

    हालांकि, कोर्ट ने अपीलकर्ताओं को लेटर पेटेंट की धारा 15 के तहत अपील दाखिल करने या मौजूदा अपील को उस प्रावधान के तहत बदलने की स्वतंत्रता दी।

    कोर्ट का निष्कर्ष

    धारा 19 के तहत अपील के लिए केवल अवमानना कार्यवाही में कोई आदेश पारित होना पर्याप्त नहीं है; आदेश का संबंध अवमानना के लिए सजा देने से होना जरूरी है।

    Praveen Mishra

    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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