सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए कहा कि मामला पहले से ही हाईकोर्ट में लंबित है।

सुप्रीम कोर्ट ने आज (9 जून) राजीव गांधी नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ (RGNUL), पटियाला द्वारा OBC आरक्षण न दिए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया।

जस्टिस पीके मिश्रा और जस्टिस मनमोहन की बेंच RGNLU में CLAT UG एडमिशन को चुनौती देने वाली SLP पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आरक्षण बाहर रखा गया।

खंडपीठ ने हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, क्योंकि मामला पहले से ही पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में लंबित है,

"यह देखते हुए कि मामला हाईकोर्ट में लंबित है और 7 जुलाई, 2025 को पोस्ट किया गया। हम इस SLP पर सुनवाई करने के लिए इच्छुक नहीं हैं।"

याचिकाकर्ता की वकील चारू माथुर ने कहा,

"वे विदेशी नागरिकों को आरक्षण दे रहे हैं, लेकिन ओबीसी को नहीं।"

उन्होंने जोर देकर कहा कि काउंसलिंग 20 जून को समाप्त हो रही है। याचिकाकर्ता प्रवेश से चूक सकता है। इसलिए उन्होंने काउंसलिंग से पहले सुनवाई का अनुरोध किया।

जस्टिस मिश्रा ने जवाब दिया कि जब परीक्षा पूरी हो चुकी है और प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है तो इस स्तर पर आरक्षण का मुद्दा कैसे उठाया जा सकता है।

उन्होंने कहा,

"जब परीक्षा समाप्त हो गई है तो आप कह रहे हैं कि परीक्षा के बाद परिणाम प्रकाशित होने के बाद आरक्षण होना चाहिए?"

माथुर ने कहा कि NLU जोधपुर ने परीक्षा के बाद भी इसी तरह के मामले पर विचार किया था।

उन्होंने जोर देकर कहा,

"यह एक संवैधानिक आदेश है वे OBC आरक्षण कैसे नहीं दे सकते हैं? उन्हें केंद्रीय वित्त पोषण भी मिल रहा है। काउंसलिंग समाप्त हो जाएगी।"

खंडपीठ ने याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया।

केस टाइटल: कोमलप्रीत कौर ढिल्लों बनाम भारत संघ|

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