जस्टिस एससी शर्मा ने किया खुलासा- मुझे फेक ट्रैफिक चालान SMS से निशाना बनाया गया, साइबर फ्रॉड के खतरे पर चिंता जताई
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा ने खुलासा किया कि हाल ही में उन्हें SMS के ज़रिए फेक ट्रैफिक चालान भेजकर धोखा देने की कोशिश की गई। जब उन्होंने लिंक पर क्लिक किया तो उन्हें एक ऐसी वेबसाइट पर ले जाया गया, जो बिल्कुल ऑफिशियल वेबसाइट जैसी दिखती थी।
यह कहते हुए कि वह फ्रॉड का पता लगाने में कामयाब रहे, जस्टिस शर्मा ने टिप्पणी की कि अगर जजों को भी ऐसे सुनियोजित फ्रॉड का निशाना बनाया जा रहा है तो आम नागरिकों के लिए खुद को बचाना बहुत मुश्किल होगा।
जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच एक ऐसे मामले की सुनवाई कर रही थी, जिसमें आरोपी ने दो पुलिस अधिकारियों के खातों में कुछ पैसे जमा किए और फिर उनके साथ फ्रॉड करने की कोशिश की थी।
बेल देने से इनकार करते हुए जस्टिस शर्मा ने बताया कि हाल ही में जब वह राजस्थान में थे तब उनके साथ फ्रॉड हुआ था।
जस्टिस शर्मा ने कहा,
"यह लगभग हर किसी के साथ हो रहा है। वे बस एक SMS भेजते हैं। मैं आपको अपना ही उदाहरण देता हूं। मुझे हाल ही में SMS पर एक चालान मिला। मैं राजस्थान में था। कि ओवरस्पीडिंग के कारण आपको इतना भुगतान करना होगा। मैं वेबसाइट पर गया और वह मॉर्फ्ड थी। यह [ओरिजिनल] वेबसाइट की हूबहू कॉपी थी। मैंने अपना डेबिट कार्ड और वे सभी नंबर दिए थे। मैं फ्रॉड का पता लगाने में कामयाब रहा, और मेरे कार्ड ब्लॉक कर दिए गए। लेकिन गरीब लोग परेशान हो रहे हैं! साइबर फ्रॉड के कारण उनका पैसा निकाल लिया जाता है।"
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने डिजिटल अरेस्ट स्कैम का स्वतः संज्ञान लिया और CBI को राज्यों में उन मामलों की जांच करने का निर्देश दिया।