बांग्लादेश भेजे गए लोगों को वापस लाएगी केंद्र सरकार, नागरिकता की जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई : सुप्रीम कोर्ट में आश्वासन

Update: 2026-05-22 10:03 GMT

सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को केंद्र सरकार ने कहा कि जिन कुछ लोगों को भारतीय नागरिकता पर संदेह के आधार पर बांग्लादेश भेजा गया था, उन्हें वापस भारत लाया जाएगा और उनकी नागरिकता की जांच की जाएगी। जांच के बाद ही उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने यह आश्वासन चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की खंडपीठ के समक्ष दिया। अदालत केंद्र सरकार की उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिनमें कलकत्ता हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई है जिसमें कुछ बंगाली भाषी लोगों को वापस भारत लाने का निर्देश दिया गया था।

सुनवाई के दौरान SG तुषार मेहता ने कहा, “सरकार उन्हें वापस लाएगी और फिर उनकी भारतीय नागरिकता के दावे की जांच करेगी। जांच के नतीजे के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।”

प्रतिवादियों की ओर से सीनियर एडवोकेट संजय हेगड़े ने अदालत से अनुरोध किया कि SG के इस बयान को रिकॉर्ड में लिया जाए। इस पर SG ने कहा कि यह बयान मामले की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए दिया जा रहा है और इसे भविष्य में किसी मिसाल (precedent) के रूप में नहीं माना जाना चाहिए।

इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि केंद्र सरकार ने विशेष परिस्थितियों को देखते हुए संबंधित लोगों को वापस भारत लाने और उनकी नागरिकता की जांच करने का निर्णय लिया है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी भारत में आगे की मौजूदगी जांच के परिणाम पर निर्भर करेगी।

सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को बताया कि इन लोगों को वापस लाने में 8 से 10 दिन का समय लग सकता है।

गौरतलब है कि सितंबर 2025 में कलकत्ता हाईकोर्ट ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुनाली खातून, उनके पति दानिश शेख और बेटे साबिर शेख को वापस भारत लाने का निर्देश दिया था। एक अन्य मामले में स्वीटी बीबी और उनके बेटों कुर्बान और इमाम को भी वापस लाने का आदेश दिया गया था।

इससे पहले दिसंबर 2025 में केंद्र सरकार ने मानवीय आधार पर गर्भवती सुनाली खातून और उनके बेटे को वापस भारत लाने पर सहमति जताई थी। वहीं नवंबर 2025 की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने भी केंद्र सरकार को सुझाव दिया था कि नागरिकता दावे की जांच के लिए संबंधित लोगों को वापस लाया जाए।

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