113 जिला जज पद खाली, फिर भी कोई नियुक्ति नहीं; सुप्रीम कोर्ट का गुजरात HC को नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात हाईकोर्ट की जिला जजों की 25% Direct Recruitment Quota भर्ती प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया है। इस भर्ती में 113 पदों के लिए प्रक्रिया हुई, लेकिन अंत में एक भी उम्मीदवार की नियुक्ति नहीं की गई।
चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की खंडपीठ ने अधिवक्ता प्रशांत भूषण की दलीलें सुनने के बाद नोटिस जारी किया।
प्रारंभिक परीक्षा में 729 उम्मीदवार शामिल हुए, जिनमें से 31 मुख्य परीक्षा के लिए चुने गए। आखिर में केवल दो उम्मीदवार वाइवा तक पहुंचे, लेकिन दोनों इंटरव्यू में न्यूनतम 20 अंक हासिल नहीं कर सके।
याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि उनका इंटरव्यू करीब 5 मिनट ही चला और वाइवा को लिखित परीक्षा की तुलना में जरूरत से ज्यादा महत्व दिया गया। उन्होंने प्रक्रिया को मनमाना बताते हुए निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से दोबारा मूल्यांकन की मांग की है।
याचिका में यह भी कहा गया है कि पिछले सात वर्षों में 25% Direct Recruitment Quota के तहत 264 पदों में सिर्फ एक नियुक्ति हुई है।
सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ताओं ने 9 जुलाई के परिणाम पर रोक लगाने और 113 पदों पर नई भर्ती शुरू करने से गुजरात हाईकोर्ट को रोकने की भी मांग की है।