सुप्रीम कोर्ट ने 12 जनवरी को अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मौत से जुड़े मामले में आरोपी आद्य प्रसाद तिवारी को जमानत दी।
जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने इलाहाबाद हाइकोर्ट के 14 अक्टूबर, 2025 के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें तिवारी की जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी।
आद्य प्रसाद तिवारी को 22 सितंबर, 2021 को प्रयागराज के जॉर्ज टाउन थाना क्षेत्र में दर्ज FIR संख्या 322/2021 के तहत गिरफ्तार किया गया। प्रारंभ में उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 306 के अंतर्गत आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया था। बाद में 18 नवंबर 2021 को दाखिल आरोप पत्र में धारा 120-बी और 302 जोड़ते हुए आपराधिक साजिश और हत्या के आरोप भी लगाए गए।
अपील स्वीकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस तथ्य पर ध्यान दिया कि अभियोजन पक्ष ने लगभग 150 गवाहों की सूची प्रस्तुत की है, जबकि अब तक केवल तीन गवाहों के बयान ही दर्ज हो सके।
अदालत ने कहा कि ऐसे में मुकदमे के शीघ्र निष्कर्ष पर पहुंचने की संभावना नहीं है। पीठ ने यह भी माना कि तिवारी इस मामले में मुख्य आरोपी प्रतीत नहीं होते।
अदालत ने कहा कि यह स्पष्ट है कि विचारण में लंबा समय लगेगा और इसके अलावा अपीलकर्ता मुख्य आरोपी नहीं दिखाई देता। ऐसे में विचाराधीन अवस्था में उनकी आगे की हिरासत आवश्यक नहीं है। इसी आधार पर उन्हें जमानत देने का आदेश दिया गया।
सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि आद्य प्रसाद तिवारी को ट्रायल कोर्ट की संतुष्टि के अनुसार जमानत बांड और शर्तों पर रिहा किया जाए।
साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि वे किसी भी व्यक्ति को जो मामले के तथ्यों से परिचित हो, प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से डराने, धमकाने या प्रलोभन देने का प्रयास नहीं करेंगे, ताकि वह अदालत के समक्ष सच्चाई रखने से पीछे हटे।
अदालत ने यह भी कहा कि तिवारी को नियमित रूप से ट्रायल की कार्यवाही में उपस्थित होना होगा, जब तक कि उन्हें विधिवत छूट न दी जाए। ऐसा न करने पर इसे जमानत की शर्तों का उल्लंघन माना जा सकता है और जमानत रद्द की जा सकती है।
सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि जमानत आदेश में की गई टिप्पणियां केवल जमानत याचिका के निपटारे के उद्देश्य से हैं और इन्हें मामले के गुण-दोष पर अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जाएगा।
गौरतलब है कि महंत नरेंद्र गिरि 20 सितंबर, 2021 को प्रयागराज स्थित अपने मठ के भीतर संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए थे।