राजस्थान हाईकोर्ट ने पंचायत के नियंत्रण वाले तालाबों को मत्स्य विभाग को सौंपने पर रोक लगाई

Update: 2026-03-21 13:45 GMT

राजस्थान हाईकोर्ट ने 17 मार्च के अपने आदेश से पंचायती राज विभाग द्वारा 27 अगस्त, 2025 को पारित आदेश के प्रभाव और क्रियान्वयन पर रोक लगाई। इस आदेश में संबंधित पंचायत के नियंत्रण वाले कुछ तालाबों को वापस राज्य के मत्स्य विभाग को सौंप दिया गया।

एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस बलजिंदर सिंह संधू की खंडपीठ, ग्राम पंचायत सोरसन द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस याचिका में ऊपर बताए गए आदेश को चुनौती देते हुए यह आरोप लगाया गया कि यह आदेश संविधान के अनुच्छेद 243G और 11वीं अनुसूची के विपरीत है।

याचिका में यह तर्क दिया गया कि संविधान के प्रावधानों के अनुसार, राज्य सरकार के कुछ कार्यों को हस्तांतरित करके ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग के नियंत्रण में लाया गया।

इसलिए यह दलील दी गई कि उक्त विभाग को उन तालाबों को राज्य सरकार को हस्तांतरित करने का अधिकार नहीं था, जो स्थानीय पंचायत के नियंत्रण में थे।

तर्कों को सुनने के बाद कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया और विभाग के आदेश पर रोक लगाई। कोर्ट ने यह टिप्पणी की कि पंचायत के नियंत्रण वाले जल निकाय (तालाब) उन्हीं के नियंत्रण में बने रहेंगे।

इस मामले को 4 सप्ताह बाद सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया।

Title: Gram Panchayat Sorsan v State of Rajasthan & Ors.

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