दामाद से फोन पर बात करना अपराध का सबूत नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट ने 60 वर्षीय महिला को NDPS मामले में दी जमानत
राजस्थान हाईकोर्ट ने मादक पदार्थ मामले में आरोपी 60 वर्षीय महिला को जमानत दी। महिला को उसके दामाद के साथ फोन पर हुई बातचीत और सह-आरोपी के इकबालिया बयान के आधार पर मामले में आरोपी बनाया गया था।
कोर्ट ने कहा कि सास और दामाद के बीच बातचीत होना अपने आप में अस्वाभाविक नहीं है और केवल फोन पर हुई बातचीत के आधार पर महिला को अपराध से जोड़ना उचित नहीं होगा।
जस्टिस अनूप कुमार ढांड की पीठ ने महिला की दूसरी जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए मामले की विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखा। महिला पर 26 ग्राम हेरोइन की बरामदगी से जुड़े मामले में NDPS Act के तहत आरोप लगाए गए।
याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि महिला के पास से कोई मादक पदार्थ बरामद नहीं हुआ था। उसके खिलाफ मामला मुख्य रूप से सह-आरोपी के इकबालिया बयान और दोनों के बीच हुई फोन पर बातचीत के विवरण के आधार पर बनाया गया।
यह भी बताया गया कि सह-आरोपी महिला का दामाद है और दोनों के बीच फोन पर बातचीत होना स्वाभाविक था। इसके बावजूद केवल कॉल विवरण के आधार पर महिला को मामले में आरोपी बनाया गया।
हाईकोर्ट ने इन दलीलों पर विचार करते हुए महिला और सह-आरोपी के पारिवारिक संबंध को महत्वपूर्ण माना। कोर्ट ने कहा कि सास और दामाद के बीच बातचीत को केवल इसी आधार पर अपराध से जोड़ना उचित नहीं है।
कोर्ट ने यह भी ध्यान दिया कि याचिकाकर्ता के कहने पर कोई बरामदगी नहीं हुई थी और वह अपनी गिरफ्तारी के दिन से ही हिरासत में थी।
इन परिस्थितियों को देखते हुए जस्टिस अनूप कुमार ढांड ने महिला की जमानत याचिका स्वीकार की और उसे जमानत प्रदान दी।