राजस्थान हाईकोर्ट ने कोर्स फीस रिफंड विवाद में धोखाधड़ी के मामले में upGrad के डायरेक्टर की गिरफ्तारी पर रोक लगाई
राजस्थान हाई कोर्ट ने upGrad के डायरेक्टरों और अन्य कर्मचारियों/सहयोगियों की गिरफ्तारी पर रोक लगाई। upGrad एक डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म है जो ऑनलाइन उच्च शिक्षा कार्यक्रम उपलब्ध कराता है। यह रोक उनके खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वास भंग के आरोप में दर्ज आपराधिक मामले के संबंध में लगाई गई।
जस्टिस अनिल कुमार उपमन ने यह आदेश पारित किया।
याचिकाकर्ताओं द्वारा दायर याचिका के अनुसार, यह मामला एक छात्र ने दर्ज कराया। इस छात्र ने प्लेटफॉर्म पर एक कोर्स चुना था। इसके लिए 5.25 लाख रुपये की फीस जमा की थी। कोर्स पूरा होने और कुछ अन्य पात्रता मानदंडों को पूरा करने के आधार पर यह कोर्स USA के एक विश्वविद्यालय से 'ऑर्गेनाइजेशनल लीडरशिप' में एमसी की डिग्री दिलाता था।
कोर्स में शामिल होने के लगभग चार महीने बाद शिकायतकर्ता ने फीस वापस करने की मांग की। उसने इसका आधार यह बताया कि यूएसए की राजनीतिक स्थितियों और कुछ निजी आर्थिक कठिनाइयों के कारण उसने USA में आगे की पढ़ाई करने की अपनी योजना रद्द कर दी थी।
याचिकाकर्ताओं ने शिकायतकर्ता को सूचित किया कि फीस वापसी का यह अनुरोध, दोनों पक्षों के बीच तय की गई शर्तों के विपरीत है।
इसी पृष्ठभूमि में स्टूडेंट ने याचिकाकर्ताओं के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वास भंग का आपराधिक मामला दर्ज करा दिया।
याचिकाकर्ताओं के वकील ने कोर्ट में यह दलील दी कि यह विवाद पूरी तरह से दीवानी (सिविल) और संविदात्मक (कॉन्ट्रैक्ट से जुड़ा) प्रकृति का है।
कोर्ट ने यह माना कि यह मामला विचार-विमर्श योग्य है, और प्रतिवादी-शिकायतकर्ता को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं की गिरफ्तारी पर रोक लगाई।
Title: Mayank Kumar & Ors. v State of Rajasthan & Anr.