आरक्षित वन क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक स्मारक विद्याधर का बाग में पार्टियों, शादियों और रेस्टोरेंट पर पूर्ण प्रतिबंध: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने जयपुर के आरक्षित वन क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक स्मारक और उद्यान विद्याधर का बाग में शादियों, निजी समारोहों, पार्टियों, रेस्टोरेंट और किसी भी अन्य व्यावसायिक गतिविधि पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया।
कोर्ट ने यह कदम परिसर में तेज संगीत, लेजर लाइट, आतिशबाजी और ऐसी अन्य गतिविधियों को रोकने के लिए उठाया, जिनसे आसपास के संरक्षित वन्यजीवों को परेशानी होने की आशंका है।
चीफ जस्टिस संजय के. अग्रवाल और जस्टिस समीर जैन की खंडपीठ ने परिसर का निरीक्षण करने, तस्वीरें लेने और इस संबंध में रिपोर्ट पेश करने के लिए कोर्ट कमिश्नर भी नियुक्त किया।
मामले में दायर याचिका में आरोप लगाया गया कि विद्याधर का बाग परिसर का इस्तेमाल शादियों, पार्टियों और अन्य निजी समारोहों के लिए किया जा रहा है।
याचिका में परिसर के भीतर एक रेस्टोरेंट संचालित होने का भी उल्लेख किया गया था। बताया गया कि इसके लिए सितंबर 2022 में टेंडर जारी किया गया था।
राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि संबंधित टेंडर की अवधि पहले ही समाप्त हो चुकी है और फिलहाल परिसर में ऐसी कोई गतिविधि नहीं हो रही है।
हालांकि, हाईकोर्ट ने गौर किया कि परिसर वन्यजीव क्षेत्र के नजदीक स्थित है। देर रात तक होने वाली ऐसी गतिविधियों से संरक्षित वन्यजीवों को परेशानी हो रही थी। इसलिए इस तरह के आयोजनों पर रोक लगाना आवश्यक है।
खंडपीठ ने निर्देश दिया कि संबंधित क्षेत्र में पार्टियों, शादियों और अन्य निजी समारोहों के आयोजन के साथ-साथ रेस्टोरेंट चलाने या संपत्ति के किसी भी समान व्यावसायिक इस्तेमाल पर तत्काल प्रभाव से पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
कोर्ट ने मामले में अपेक्षा बापना को कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किया है, ताकि वह विवाद से जुड़े तथ्यों की जांच में अदालत की सहायता कर सकें। उन्हें परिसर का निरीक्षण करने, तस्वीरें लेने और मामले से संबंधित सभी आवश्यक विवरणों के साथ विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया गया।
हाईकोर्ट ने संबंधित प्रभारी अधिकारी को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने का निर्देश भी दिया। अधिकारी को कोर्ट के समक्ष यह स्पष्ट करना होगा कि संबंधित परिसर में गतिविधियों के संचालन के लिए टेंडर किस आधार पर जारी किए गए।
मामले की अगली सुनवाई 8 दिसंबर 2026 को होगी।