झूठे दावे पर फटकार: हाईकोर्ट ने अवमानना याचिका की खारिज, लगाया 5 हजार का जुर्माना

Update: 2026-04-14 06:58 GMT

राजस्थान हाईकोर्ट ने भ्रामक और गलत जानकारी के आधार पर दायर की गई अवमानना याचिका खारिज करते हुए याचिकाकर्ता पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया।

अदालत ने इसे न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग और सरकारी अधिकारियों पर दबाव बनाने की कोशिश करार दिया।

मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस रवि चिरानिया ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता ने अदालत के पूर्व आदेश को गलत तरीके से प्रस्तुत किया।

याचिकाकर्ता का दावा था कि समन्वय पीठ ने राजस्व मंडल के पंजीयक को उसे शिक्षा विभाग से राजस्व विभाग में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया।

हालांकि, अभिलेखों की जांच के बाद अदालत ने पाया कि ऐसा कोई निर्देश कभी दिया ही नहीं गया।

जज ने कहा कि याचिकाकर्ता ने अदालत के आदेश के संबंध में झूठी और भ्रामक जानकारी प्रस्तुत की।

अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि समन्वय पीठ के वास्तविक आदेश का पालन संबंधित विभाग द्वारा पहले ही किया जा चुका था। इसके बावजूद अवमानना याचिका दाखिल करना न्यायालय के समय की बर्बादी और प्रक्रिया का दुरुपयोग है।

अपने आदेश में अदालत ने कहा,

“यह याचिका कानून की प्रक्रिया का स्पष्ट दुरुपयोग है और सरकारी अधिकारियों पर दबाव बनाने की एक चाल है।”

इसी आधार पर हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए याचिकाकर्ता पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया। यह राशि 30 दिनों के भीतर राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन में जमा करने का निर्देश दिया गया, जिसका उपयोग वकीलों के कल्याण के लिए किया जाएगा।

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