प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोपी को जमानत, पटना हाइकोर्ट का आदेश

Update: 2026-02-18 11:15 GMT

पटना हाइकोर्ट ने व्यक्ति को जमानत दी, जिस पर राजनीतिक रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत माता के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करने का आरोप है। आरोप है कि उक्त बयान का वीडियो बाद में सामाजिक माध्यमों पर प्रसारित किया गया।

यह आदेश जस्टिस अरुण कुमार झा की एकलपीठ ने पारित किया। मामला सिमरी थाना कांड संख्या 243/2025, दिनांक 28 अगस्त 2025 से संबंधित है। इस प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की विभिन्न धाराओं तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया गया।

अभियोजन के अनुसार विपक्षी नेताओं द्वारा आयोजित एक रैली में प्रधानमंत्री और उनकी दिवंगत माता के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया गया। सह-आरोपी द्वारा इसे सामाजिक माध्यमों पर प्रसारित करने का आरोप है। जांच के दौरान वर्तमान याचिकाकर्ता का नाम सामने आया और उसे घटना में संलिप्त बताया गया।

याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि उसे झूठा फंसाया गया। उसका नाम केवल वायरल वीडियो के आधार पर चौकीदार द्वारा पहचान किए जाने से सामने आया।

बचाव पक्ष ने कहा कि उसके मोबाइल फोन से कोई आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई और न ही उसने कोई वीडियो प्रसारित किया। इसलिए सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के तहत अपराध बनता ही नहीं है।

यह भी कहा गया कि मामले में किसी अन्य व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं हुई और याचिकाकर्ता को बलि का बकरा बनाया गया। वह 29 अगस्त, 2025 से न्यायिक हिरासत में है।

राज्य की ओर से जमानत का विरोध करते हुए कहा गया कि याचिकाकर्ता का कृत्य देश में अशांति फैलाने के उद्देश्य से किया गया और यह राजद्रोह के समान है।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाइकोर्ट ने कहा कि मामले के तथ्यों और परिस्थितियों आरोपों की प्रकृति, याचिकाकर्ता के स्वच्छ आपराधिक इतिहास अब तक बिताई गई हिरासत की अवधि तथा आरोपपत्र दाखिल हो जाने को देखते हुए उसे जमानत दी जा सकती है।

अदालत ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता को 10 हजार रुपये के मुचलके तथा समान राशि के दो जमानतदारों पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दरभंगा या संबंधित न्यायालय की संतुष्टि पर रिहा किया जाए।

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