मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ CJP के प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पुणे से दिल्ली जा रहे लोगों को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने से जुड़ी तीन हैबियस कॉर्पस याचिकाओं का निपटारा कर दिया है।

चीफ जस्टिस अल्पेश वाई. कोगजे और जस्टिस विवेक जैन की खंडपीठ को राज्य सरकार के वकील ने बताया कि हिरासत में लिए गए सभी लोगों को उनके परिवारों के पास वापस भेज दिया गया है। इसके बाद अदालत ने कहा कि याचिकाओं में अब कुछ शेष नहीं रह गया है।

हिरासत में लिए गए लोगों को परिवारों के पास भेजा गया

ये याचिकाएं उन लोगों की हिरासत से संबंधित थीं, जिन्हें पुणे से दिल्ली जा रही ट्रेन में यात्रा के दौरान इटारसी जंक्शन पर पुलिस ने हिरासत में लिया था। वे मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ CJP के प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली जा रहे थे।

पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को संबंधित लोगों को अदालत के समक्ष पेश करने और उन्हें सुरक्षित रूप से उनके परिवारों तक पहुंचाने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया था।

ताजा सुनवाई में राज्य के वकील ने अदालत को बताया कि सभी हिरासत में लिए गए लोगों को उनके परिवारों के पास वापस भेज दिया गया है। इस आधार पर अदालत ने तीनों याचिकाओं का निपटारा कर दिया।

हिरासत में लिए गए एक व्यक्ति को चोट लगने का दावा

हालांकि, एक याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने दावा किया कि हिरासत में लिए गए व्यक्ति के शरीर पर कुछ चोटें थीं और वे इस मुद्दे को आगे उठाना चाहते हैं।

इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि चोट लगने से संबंधित इस मुद्दे पर हैबियस कॉर्पस याचिका में फैसला नहीं किया जा सकता। अदालत ने संबंधित याचिकाकर्ता को इस मुद्दे पर उचित याचिका दाखिल करने की स्वतंत्रता दी।

इस प्रकार, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हिरासत में लिए गए लोगों को उनके परिवारों के पास वापस भेजे जाने के बाद तीनों हैबियस कॉर्पस याचिकाओं का निपटारा कर दिया। हालांकि, कथित चोटों से जुड़ा मुद्दा उचित कानूनी कार्यवाही के लिए खुला रखा गया।

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