हज किराये में अतिरिक्त 10 हजार रुपये वसूली को चुनौती देने वाली याचिका खारिज, गैर-यात्री को सुनवाई का अधिकार नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट

Update: 2026-05-15 11:39 GMT

कर्नाटक हाईकोर्ट ने हज यात्रियों से बढ़े हुए हवाई ईंधन दामों के कारण अतिरिक्त 10 हजार रुपये लेने संबंधी परिपत्र को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की। अदालत ने कहा कि जिसने खुद हज यात्रा के लिए पंजीकरण नहीं कराया, उसे इस मामले में याचिका दायर करने का अधिकार नहीं है।

जस्टिस एस. विश्वजीत शेट्टी की एकल पीठ ने 7 मई को यह आदेश पारित किया।

अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता ने वर्ष 2026 की हज यात्रा के लिए अपना नाम पंजीकृत नहीं कराया और न ही हज समिति के पास कोई राशि जमा की है। ऐसे में वह संबंधित परिपत्र से प्रभावित पक्ष नहीं माना जा सकता।

हाईकोर्ट ने कहा,

“अतिरिक्त 10 हजार रुपये की मांग केवल उन्हीं हज यात्रियों से की गई, जिन्होंने हज समिति में पंजीकरण कराया है और निर्धारित राशि जमा की है। इसलिए याचिकाकर्ता को इस परिपत्र के खिलाफ कोई शिकायत करने का अधिकार नहीं है।”

कोलार निवासी यूनुस खान ने वकील सुहैल दिल नवाज के माध्यम से याचिका दाखिल कर हज समिति भारत के 28 अप्रैल 2026 के परिपत्र को रद्द करने और उस पर रोक लगाने की मांग की।

परिपत्र में हज 2026 के यात्रियों से पहले से जमा 2,77,300 रुपये के अतिरिक्त 100 अमेरिकी डॉलर यानी करीब 10 हजार रुपये जमा करने को कहा गया।

समिति ने कहा था कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और विमान ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण विमान कंपनियों ने किराया बढ़ाने की मांग की है। इसी वजह से अतिरिक्त राशि ली जा रही है। यात्रियों को यह राशि 15 मई 2026 तक जमा करने को कहा गया।

याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में दलील दी गई कि हवाई टिकट पहले ही बुक हो चुके थे, इसलिए युद्ध की स्थिति का हवाला देकर अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जा सकता।

हालांकि, अदालत ने कहा कि केवल वही व्यक्ति इस परिपत्र को चुनौती दे सकता है, जिसने हज यात्रा के लिए पंजीकरण कराया हो और राशि जमा की हो।

याचिका में अदालत से यह भी मांग की गई कि कर्नाटक राज्य वक्फ समिति और अल्पसंख्यक मामलों से जुड़े अधिकारियों को अतिरिक्त किराया वसूलने से रोका जाए तथा पहले से वसूली गई राशि वापस कराई जाए।

इस मुद्दे पर असदुद्दीन ओवैसी ने भी अतिरिक्त शुल्क का विरोध किया था। वहीं किरण रिजिजू ने बढ़े हुए विमान ईंधन दामों का हवाला देते हुए शुल्क वृद्धि को उचित ठहराया।

Tags:    

Similar News