इंद्राणी मुखर्जी अभिनीत नेटफ्लिक्स डॉक्यूमेंट्री आज रात रिलीज़ नहीं होगी, बॉम्बे हाईकोर्ट ने निर्माताओं से सीबीआई के लिए विशेष स्क्रीनिंग रखने को कहा

Update: 2024-02-22 12:14 GMT

बॉम्बे हाईकोर्ट ने नेटफ्लिक्स डॉक्यूमेंट्री - "बरीड ट्रुथ - द इंद्राणी मुखर्जी स्टोरी" के निर्माताओं से सीरीज पर रोक लगाने की एजेंसी की याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के लिए एक विशेष स्क्रीनिंग आयोजित करने को कहा है। सीरीज आज रात रिलीज़ होने वाली थी, हालांकि नेटफ्लिक्स ने अगले गुरुवार तक रिलीज़ को रोकने का वादा किया है।

कोर्ट ने कहा, "नेटफ्लिक्स को इस सुझाव पर कोई आपत्ति नहीं है कि सीबीआई को देखने का अवसर दिया जाए। सुनवाई गुरुवार तक के लिए टाल दी गई है। उपरोक्त याचिका पर स्क्रीनिंग के बाद सुनवाई की जाएगी। मिस्टर कदम का कहना है कि इसे अगली तारीख तक प्रसारित नहीं किया जाएगा।”

शुरुआत में जस्टिस रेवती मोहिते-डेरे ने सवाल किया कि सीबीआई को सीरीज देखने की अनुमति क्यों नहीं दी जानी चाहिए, खासकर जब इंद्राणी मुखर्जी शीना बोरा हत्या मामले में मुख्य आरोपी हैं और डॉयूमेंट्री में मामले के उनके पक्ष को दर्शाया गया है।

जस्टिस डेरे ने कहा कि जब मुकदमा चल रहा है, तो सवाल उठता है कि क्या किसी आरोपी को ऐसी सामग्री जारी करने का अधिकार है और क्या उसने किसी जमानत शर्तों का उल्लंघन किया है। नेटफ्लिक्स की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट रवि कदम ने कहा कि एजेंसी को फिल्म देखने की अनुमति देना या इसकी रिलीज को रोकना प्री-सेंसरशिप के समान होगा, जो कानून के तहत स्वीकार्य नहीं है। कदम ने दलील दी कि डॉक्यूमेंट्री में केवल वही दर्शाया गया है जो पहले से ही सार्वजनिक डोमेन में है और अभियुक्तों के अधिकारों को अभियोजन पक्ष के अधिकारों पर प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

डॉक्यूमेंट्री निर्माताओं की ओर से पेश एडवोकेट अभिनव चंद्रचूड़ ने बताया कि इंद्राणी मुखर्जी पहले ही एक किताब प्रकाशित कर चुकी हैं, जिस पर सीबीआई ने आपत्ति नहीं जताई है, जिसमें दोहरे व्यवहार पर सवाल उठाया गया है।

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