रिहायशी इलाके में सीवेज प्लांट? हाईकोर्ट ने वसंत कुंज STP पर DDA से स्टेटस रिपोर्ट मांगी

Update: 2026-01-28 15:44 GMT

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी (DDA) से शहर के वसंत कुंज इलाके में "घनी" हाउसिंग कॉम्प्लेक्स के अंदर कथित तौर पर अवैध रूप से लगाए गए और चलाए जा रहे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के संबंध में एक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा।

चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की डिवीजन बेंच ने अथॉरिटी से 4 हफ़्ते में जवाब देने को कहा और मामले की अगली सुनवाई 7 अगस्त को तय की।

एक रिटायर्ड सरकारी इंजीनियर द्वारा दायर जनहित याचिका में कहा गया कि संबंधित हाउसिंग कॉम्प्लेक्स पहले से ही शहर के सीवरेज नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। इसलिए विवादित STP की कोई ज़रूरत नहीं है। इसके अलावा, रिहायशी इलाके में STP से लगातार आने वाली बदबू पर्यावरणीय परेशानी है, जो लोगों के स्वस्थ और गरिमापूर्ण जीवन के अधिकार में बाधा डालती है।

इसमें कहा गया,

"दिल्ली मास्टर प्लान-2021 के तहत विकेन्द्रीकृत या सामुदायिक स्तर के STP स्वैच्छिक/अनुमति वाले हैं और किसी भी वैधानिक या योजना जनादेश के अभाव में शहर के सीवरेज सिस्टम से पहले से ही जुड़ी रिहायशी कॉलोनी पर इन्हें अनिवार्य रूप से लागू नहीं किया जा सकता।"

याचिका में सीवेज सिस्टम को DDA को सौंपने का भी विरोध किया गया, जिसमें कहा गया कि दिल्ली जल बोर्ड अधिनियम, 1998 दिल्ली में सीवरेज कार्यों की योजना, डिजाइन, स्थापना, संचालन और रखरखाव का विशेष वैधानिक कार्य दिल्ली जल बोर्ड को सौंपता है।

इसमें आगे कहा गया,

"दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी, राज्य का एक साधन होने के नाते और DJB Act की उपधारा 9 (2) के तहत परिकल्पित 'सार्वजनिक उपक्रम' या अन्य इकाई नहीं होने के कारण, इन कार्यों को न तो ग्रहण कर सकती है और न ही उसे सौंपा जा सकता है।"

Case Title: ANUP KUMAR RAMPAL V/s DELHI DEVELOPMENT AUTHORITY & ORS.

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