दिल्ली हाईकोर्ट ने कैरम फ़ेडरेशन को अपने नाम में 'इंडिया' या 'इंडियन' शब्द इस्तेमाल करने से रोकने वाला आदेश रद्द किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने सिंगल जज के उस आदेश को रद्द किया, जिसमें ऑल इंडिया कैरम फ़ेडरेशन (AICF) को अपने नाम, लोगो या आगे होने वाली प्रतियोगिताओं में "इंडिया" या "इंडियन" शब्द का इस्तेमाल करने से रोका गया।
चीफ़ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की डिवीज़न बेंच ने कहा कि सिर्फ़ सालाना मान्यता का नवीनीकरण न होने से AICF का नेशनल स्पोर्ट्स फ़ेडरेशन (NSF) का दर्जा खत्म नहीं किया जा सकता।
कोर्ट ने कहा कि जब 'नेशनल स्पोर्ट्स डेवलपमेंट कोड ऑफ़ इंडिया, 2011' में मान्यता रद्द करने या वापस लेने के लिए एक खास प्रक्रिया बताई गई तो उसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
कोर्ट ने कहा कि तय प्रक्रिया के अनुसार नोटिस, सुनवाई का मौका, ठोस वजहों के साथ फ़ैसला और उसके बाद का आदेश दिए बिना किसी NSF की मान्यता "अपने-आप या मान ली गई (Deemed) वापसी या डी-रिकग्निशन" नहीं हो सकती।
कोर्ट AICF की उस अपील पर सुनवाई कर रहा था, जो पिछले साल 29 अक्टूबर को सिंगल जज के आदेश के ख़िलाफ़ दायर की गई।
सिंगल जज ने कहा कि केंद्र सरकार ने AICF की मान्यता का नवीनीकरण नहीं किया, इसलिए फ़ेडरेशन को अपना नाम बदलने और उसमें से "इंडिया" शब्द हटाने का निर्देश दिया गया।
सिंगल जज ने AICF को अपने नाम, लोगो या प्रतियोगिताओं में "इंडिया" या "इंडियन" शब्द इस्तेमाल करने से भी रोका था। हालांकि, उन्होंने फ़ेडरेशन को "टीम फ्रॉम इंडिया" (भारत की टीम) शब्द इस्तेमाल करने की इजाज़त दी थी।
अपील पर सुनवाई करते हुए डिवीज़न बेंच ने कहा कि सिंगल जज का यह मानना सही नहीं था कि सिर्फ़ सालाना मान्यता का नवीनीकरण न होने से AICF का NSF का दर्जा खत्म हो गया।
कोर्ट ने गौर किया कि मान्यता का नवीनीकरण न करने से पहले AICF को सुनवाई का मौका नहीं दिया गया।
कोर्ट ने कहा,
"जब स्पोर्ट्स कोड में मान्यता रद्द करने या वापस लेने के लिए एक खास प्रक्रिया बताई गई तो उस प्रक्रिया को ऐसे कम्युनिकेशन के आधार पर नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता, जो न तो नोटिस और सुनवाई की ज़रूरतों को पूरा करता हो और न ही जिसके आधार पर कोई ठोस वजहों वाला आदेश जारी किया गया हो।"
कोर्ट ने आगे कहा:
"नतीजतन, जिस आदेश को चुनौती दी गई, उसका आधार—यानी यह मानना कि आदेश जारी होने के समय AICF का NSF का दर्जा खत्म हो चुका था—सही नहीं है।"
साथ ही कोर्ट ने यह साफ़ किया कि सिंगल जज का आदेश रद्द करने का मतलब यह नहीं है कि AICF को 'नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट, 2025' और 'नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस (नेशनल स्पोर्ट्स बॉडीज़) रूल्स, 2026' का पालन करने से छूट मिल गई।
कोर्ट ने ध्यान दिया कि AICF ने मान्यता पाने के लिए नए कानूनी नियमों का पालन करने की इच्छा जताई।
Title: ALL INDIA CARROM FEDERATION v. UNION OF INDIA & ANR