दिल्ली हाईकोर्ट ने अमृतसर शहर के गोल्डन टेम्पल में गुरबानी के पाठ के प्रसारण से प्राइवेट चैनल को रोकने से इनकार किया।

जस्टिस अनूप जयराम भंभानी ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) की याचिका पर कोई अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार किया। SGPC ऐतिहासिक सिख पूजा स्थलों (गुरुद्वारों) का प्रबंधन करती है।

SGPC का तर्क था कि गोल्डन टेम्पल में गुरबानी के पाठ का कॉपीराइट उसके पास है, जिसका प्रसारण उसके YouTube चैनल और एक अन्य TV चैनल पर लाइव किया जा रहा है।

यह तर्क दिया गया कि गैलेक्टिक टेलीविज़न (Galactic Television) SGPC के प्रसारण अधिकारों का उल्लंघन करते हुए पाठ का प्रसारण कर रहा था, बस कुछ सेकंड की देरी के साथ।

सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने मौखिक रूप से टिप्पणी की कि गुरबानी साहित्यिक-सह-संगीत रचना है जिसे SGPC संगीत प्रस्तुति के रूप में गाती है।

कोर्ट ने कहा,

"गुरु ग्रंथ साहिब नाम की एक साहित्यिक रचना है, जिसे आप संगीत रचना के रूप में गाते हैं। इसलिए एक साहित्यिक और संगीत रचना, जिसका उपयोग अगर वास्तविक धार्मिक समारोह के लिए किया जाता है, तो यह उल्लंघन नहीं है।"

कोर्ट ने आगे कहा कि वह इस चरण पर कोई अंतरिम आदेश पारित करने के पक्ष में नहीं है।

प्रतिवादी गैलेक्टिक टेलीविज़न की ओर से पेश सीनियर वकील ने कहा कि यह बौद्धिक संपदा के उल्लंघन का मामला नहीं है क्योंकि इसमें कोई मुद्रीकरण (monetisation) शामिल नहीं था।

कोर्ट ने TV चैनल को अंतरिम राहत के लिए SGPC की याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने को कहा और मामले में समन भी जारी किया।

मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी।

अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

Tags: