क्षत्रिय करणी सेना के प्रमुख कहीं भी आने-जाने के लिए आज़ाद, लेकिन किसी भी विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए उन्हें कानून का पालन करना होगा: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार (25 अगस्त) को कहा कि क्षत्रिय करणी सेना के अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत कहीं भी आने-जाने के लिए आज़ाद हैं, लेकिन अगर वह किसी विरोध प्रदर्शन में शामिल होना चाहते हैं, तो उन्हें कानून के अनुसार ही ऐसा करना होगा।
कोर्ट ने यह आदेश क्षत्रिय करणी सेना/अखंड करणी पार्टी के अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत को पेश करने की मांग वाली 'हेबियस कॉर्पस' (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। याचिका में आरोप लगाया गया कि उन्हें गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में रखा गया।
दलील दी गई कि वह यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस में इक्विटी को बढ़ावा देने के नियम), 2026 के संबंध में देशव्यापी जागरूकता अभियान चला रहे थे। आरोप लगाया गया कि उन्हें उनके दोस्त के घर पर गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में रखा गया था और संबंधित अधिकारियों ने उन्हें वहां से निकलने की इजाज़त नहीं दी थी।
दिल्ली पुलिस ने जानकारी दी कि शेखावत को किसी भी मामले में गिरफ्तार नहीं किया गया। हालांकि, यह भी कहा गया कि ऐसी आशंका है कि शेखावत विरोध प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर जा सकते हैं।
जस्टिस प्रतिभा सिंह और जस्टिस विकास महाजन की डिवीजन बेंच ने कहा:
"जहां तक हिरासत में रखने के आरोप की बात है, दिल्ली पुलिस के वकीलों के इस बयान को देखते हुए कि याचिकाकर्ता को हिरासत में नहीं रखा गया। इस मामले में तत्काल किसी और राहत की ज़रूरत नहीं है। दिल्ली पुलिस का बयान स्वीकार किया जाता है और याचिकाकर्ता कहीं भी आने-जाने के लिए आज़ाद हैं। हालांकि, अगर याचिकाकर्ता किसी विरोध प्रदर्शन में शामिल होना चाहते हैं तो उन्हें कानून के अनुसार ही ऐसा करना होगा।"
अब यह मामला 1 सितंबर को सुना जाएगा।
Case title: DR RAJ SHEKHAWAT v/s GOVERNMENT OF NCT OF DELHI AND ANR