AI+ स्मार्टफोन्स और उसके संस्थापक के खिलाफ कथित अपमानजनक वीडियो पर लगी रोक
दिल्ली हाईकोर्ट ने AI+ स्मार्टफोन्स और उसके संस्थापक के खिलाफ कथित रूप से अपमानजनक एवं भ्रामक सामग्री प्रकाशित करने पर कुछ यूट्यूबर्स और अन्य अज्ञात व्यक्तियों को अंतरिम राहत देते हुए रोक लगाई।
जस्टिस तुषार राव गेडेला ने यह आदेश एनएक्सटीक्वांटम शिफ्ट टेक्नोलॉजीज इंडिया और उसके संस्थापक माधव शेठ द्वारा दायर वाणिज्यिक वाद पर सुनवाई करते हुए पारित किया। कंपनी का आरोप था कि कुछ यूट्यूब वीडियो में उसके उत्पादों, डेटा सुरक्षा, गोपनीयता नीति और कंपनी की पृष्ठभूमि को लेकर झूठे व अप्रमाणित दावे किए गए, जिससे उसकी साख को नुकसान पहुंचा।
हाईकोर्ट ने वीडियो के प्रतिलेखों का अवलोकन करते हुए कहा कि कुछ अंश आलोचना की श्रेणी में आ सकते हैं, लेकिन उनमें किए गए दावों के समर्थन में कोई ठोस तकनीकी विश्लेषण या वस्तुनिष्ठ तुलना नहीं दिखाई देती। अदालत ने माना कि इस प्रकार की अप्रमाणित सामग्री से कंपनी को आर्थिक क्षति हो सकती है।
कोर्ट ने कहा कि संबंधित वीडियो आलोचना की सीमा पार कर अपमानजनक प्रचार की श्रेणी में आते प्रतीत होते हैं और प्रथम दृष्टया कंपनी का पक्ष विचारणीय है।
इसी आधार पर हाईकोर्ट ने प्रतिवादियों को कंपनी, उसके उत्पादों तथा संस्थापक के खिलाफ किसी भी प्रकार की अपमानजनक सामग्री प्रसारित करने से रोक दिया।
मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को होगी।