YouTuber अजीत भारती ने मंगलवार (25 अगस्त) को दिल्ली कोर्ट में अग्रिम ज़मानत (Anticipatory Bail) के लिए अर्ज़ी दी। उन पर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (SC/ST Act) के तहत मामला दर्ज किया गया।

एडिशनल सेशन जज सौरभ प्रताप सिंह लालर ने मामले की सुनवाई की और कोर्ट की वेबसाइट के अनुसार, मामले में आगे की बहस के लिए 31 अगस्त की तारीख तय की गई।

खबरों के अनुसार, भारती पर उनके YouTube शो में कथित तौर पर जातिसूचक टिप्पणी करने के बाद मामला दर्ज किया गया। हालांकि, भारती ने सार्वजनिक रूप से अपना बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने अपने वीडियो में कोई जातिसूचक टिप्पणी नहीं की थी, बल्कि वे अपनी माँ/बहन के ख़िलाफ़ की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों का जवाब दे रहे थे।

यह FIR SC/ST Act और BNS की धारा 196(1)(c) और 351(3) (गंभीर आपराधिक धमकी) के साथ-साथ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट के प्रावधानों के तहत दर्ज की गई।

धारा 196(1)(c) के अनुसार, जो कोई भी किसी धार्मिक, नस्लीय, भाषाई या क्षेत्रीय समूह या जाति या समुदाय के ख़िलाफ़ आपराधिक बल या हिंसा का इस्तेमाल करने या इस्तेमाल करने का प्रशिक्षण लेने के इरादे से, या यह जानते हुए कि इसमें शामिल लोग आपराधिक बल या हिंसा का इस्तेमाल कर सकते हैं या प्रशिक्षण ले सकते हैं, कोई अभ्यास, आंदोलन, ड्रिल या ऐसी ही कोई गतिविधि आयोजित करता है; या ऐसी गतिविधि में शामिल होता है जिसमें आपराधिक बल या हिंसा का इस्तेमाल करने या प्रशिक्षण लेने का इरादा हो या यह पता हो कि इसमें शामिल लोग आपराधिक बल या हिंसा का इस्तेमाल कर सकते हैं या प्रशिक्षण ले सकते हैं। ऐसी गतिविधि किसी भी कारण से ऐसे धार्मिक, नस्लीय, भाषाई या क्षेत्रीय समूह या जाति या समुदाय के सदस्यों के बीच डर, घबराहट या असुरक्षा की भावना पैदा करती है या पैदा कर सकती है, तो उसे तीन साल तक की जेल, या जुर्माना, या दोनों सज़ा हो सकती है।

Case title: STATE OF DELHI versus AJEET BHARTI

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