सुप्रीम कोर्ट का निर्देश हुआ रद्द, राज्यसभा में पारित हुआ CAPF संशोधन बिल
बुधवार को राज्यसभा ने विपक्ष के वॉकआउट के बीच ध्वनि मत से केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) बिल, 2026 (CAPF) पास कर दिया। विपक्ष चाहता था कि बिल को आगे की चर्चा के लिए एक चयन समिति (Select Committee) के पास भेजा जाए।
इस बिल में यह प्रावधान है कि इंस्पेक्टर जनरल रैंक के कुल पदों में से 50%, एडिशनल डायरेक्टर जनरल रैंक के पदों में से कम से कम 67% और स्पेशल डायरेक्टर जनरल तथा डायरेक्टर जनरल रैंक के सभी पद डेपुटेशन पर आए भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों द्वारा भरे जाएंगे।
यह बिल पिछले साल सुप्रीम कोर्ट के 'संजय प्रकाश और अन्य बनाम भारत संघ और अन्य' मामले में दिए गए फैसले के बाद लाया गया। उस फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि CAPF कर्मियों को ग्रुप A पदों पर प्रमोशन पाने का अधिकार है। इसलिए इन पदों को डेपुटेशन पर आए IPS अधिकारियों से नहीं भरा जाना चाहिए।
गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में बिल पर हुई बहस का जवाब देते हुए कहा कि यह बिल देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को और मज़बूत करने के लिए पेश किया गया।