पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन, 225 मामलों का निपटारा
नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (NALSA) की देशव्यापी पहल के तहत शनिवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में हाईकोर्ट लीगल सर्विसेज कमेटी के समन्वय से राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया।
इस लोक अदालत का आयोजन हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एवं हाईकोर्ट लीगल सर्विसेज कमेटी के पैट्रन-इन-चीफ जस्टिस शील नागू तथा कमेटी के चेयरमैन जस्टिस महाबीर सिंह सिंधु के समग्र मार्गदर्शन में किया गया।
मामलों के सौहार्दपूर्ण समाधान को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से पांच लोक अदालत पीठों का गठन किया गया। इन पीठों की अध्यक्षता जस्टिस संदीप मौदगिल, जस्टिस सुदीप्ति शर्मा, जस्टिस दीपिंदर सिंह नलवा, जस्टिस रमेश कुमारी और जस्टिस रमेश चंदर डिमरी ने की।
इन पीठों के समक्ष कुल 439 मामले सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किए गए थे, जिनमें से 225 मामलों का आपसी सहमति से निपटारा किया गया। लोक अदालत में निपटाए गए अधिकांश मामले मोटर दुर्घटना मुआवजा दावों से संबंधित थे।
इन मामलों के समझौते के परिणामस्वरूप दावा करने वालों को कुल ₹9,44,18,296 की राशि प्रदान की गई।
राष्ट्रीय लोक अदालत NALSA की एक नियमित पहल है, जिसका उद्देश्य लंबित मामलों का बोझ कम करना और वैकल्पिक विवाद समाधान (ADR) को बढ़ावा देना है। यह व्यवस्था पक्षकारों को सुलभ, कम खर्चीला और त्वरित मंच प्रदान करती है, जिससे वे लंबी न्यायिक प्रक्रिया से गुजरे बिना अपने विवादों का समाधान कर सकते हैं।
हाईकोर्ट लीगल सर्विसेज कमेटी ने लोक अदालत के सफल आयोजन के लिए न्यायाधीशों, बार के सदस्यों, वादकारियों और न्यायालय के कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया।
कमेटी की सचिव स्वाति सहगल ने बताया कि भविष्य में अधिक से अधिक मामलों की पहचान की जाएगी ताकि राष्ट्रीय लोक अदालतों के माध्यम से अधिक विवादों का निपटारा किया जा सके।