इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन और अवध बार एसोसिएशन (लखनऊ बेंच) ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में जजों की कम संख्या के चलते 25 फरवरी, 2025 को काम से दूर रहने का ऐलान किया।

दोनों बार एसोसिएशन ने हाईकोर्ट में जजों की घटती संख्या और बढ़ते मुकदमों को लेकर चिंता जताई।

इससे पहले हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, इलाहाबाद ने एडवोकेट्स एक्ट 1961 में संशोधन और हाईकोर्ट में जजों की कमी के खिलाफ 21 फरवरी 2025 को काम से विरत रहने का ऐलान किया था। इसके बाद HCBA ने 24 और 25 तारीख को हड़ताल का प्रस्ताव पारित किया। हालांकि 24 तारीख को काम से विरत रहने का प्रस्ताव वापस ले लिया गया।

इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को संबोधित पत्र में मानद सचिव एडवोकेट विक्रांत पांडे ने इस बात पर प्रकाश डाला कि यद्यपि इलाहाबाद हाईकोर्ट के लिए जजों की स्वीकृत नंबर 160 है लेकिन केवल 79 पद ही भरे गए।

हाईकोर्ट में जजों की संख्या के बारे में शिकायत के अलावा, अवध बार एसोसिएशन, लखनऊ ने मामलों की लिस्टिंग और वाद सूची में मामलों के रोटेशन के बारे में चिंता जताई। अवध बार एसोसिएशन के पत्र में इस बात पर प्रकाश डाला गया कि सूचीबद्ध किए जा रहे मामलों को 2 महीने के बाद रोटेट किया जाता है।

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