NLSIU ने दीक्षांत रद्द करने का फैसला वापस लिया, 17 अक्टूबर को होगा समारोह
बेंगलुरु स्थित नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU) अब अपना 34वां वार्षिक दीक्षांत समारोह 17 अक्टूबर 2026 को आयोजित करेगी। विश्वविद्यालय ने 9 सितंबर को स्नातक छात्रों को भेजे ईमेल में यह जानकारी दी।
विश्वविद्यालय के मुताबिक समारोह आयोजित करने का फैसला 9 सितंबर को हुई कार्यकारी परिषद की 107वीं बैठक और सामान्य परिषद की 40वीं बैठक में लिया गया। दोनों बैठकों की अध्यक्षता चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) ने विश्वविद्यालय के कुलाधिपति के रूप में की।
यह फैसला विश्वविद्यालय के 27 अगस्त के उस संचार के बाद आया, जिसमें 12 सितंबर को प्रस्तावित 34वें वार्षिक दीक्षांत समारोह को अपरिहार्य परिस्थितियों का हवाला देते हुए रद्द कर दिया गया था। उस समय विश्वविद्यालय ने कहा था कि सभी ग्रेजुएट स्टूडेंट को उनके उपाधि प्रमाणपत्र समारोह के बिना ही प्रदान किए जाएंगे।
समारोह रद्द करने का फैसला ऐसे समय लिया गया था, जब छात्रों ने दीक्षांत समारोह में CJI की भागीदारी पर आपत्ति जताई थी। हालांकि, विश्वविद्यालय के नए संचार में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि 17 अक्टूबर को होने वाले समारोह में चीफ जस्टिस स्वयं शामिल होंगे या नहीं। नई तारीख को लेकर औपचारिक अधिसूचना जल्द जारी होने की संभावना है।
दरअसल, NLSIU के 2026 बैच के छात्रों और 120 से अधिक पूर्व छात्रों ने 15 अगस्त को बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) की ओर से NALSAR हैदराबाद के छात्रों के खिलाफ की गई और बाद में वापस ली गई कार्रवाई की निंदा की थी। उन्होंने BCI से नालसार के छात्रों और शिक्षकों से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की थी।
इसी पत्र में छात्रों ने दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में चीफ जस्टिस सूर्यकांत के चयन पर पुनर्विचार करने की मांग की थी। साथ ही BCI के चेयरमैन और वरिष्ठ वकील मनन कुमार मिश्रा की समारोह में मौजूदगी पर भी आपत्ति जताई थी।
NLSIU के छात्रों ने नालसार के छात्रों के उस विरोध का भी समर्थन किया था, जो छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा को लेकर चीफ जस्टिस की टिप्पणियों के विरोध में किया गया।