Income Tax Case : दो साल तक विदेश यात्रा कर सकेंगे डीके शिवकुमार, बेंगलुरु कोर्ट ने दी अनुमति
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री और अगले संभावित मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को बेंगलुरु स्पेशल कोर्ट ने दो साल की अवधि के लिए विदेश यात्रा करने की अनुमति दी। अदालत ने 2017 के एक कर चोरी के मामले में 'समानता के सिद्धांत' (Doctrine of Parity) का हवाला देते हुए यह अनुमति दी, क्योंकि अदालत ने पाया कि इसी मामले में सह-आरोपी को पहले ही इसी तरह की अनुमति दी जा चुकी है।
बेंगलुरु के XLII अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के.एन. शिवकुमार ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता द्वारा दायर आवेदन स्वीकार किया; यह नेता अदालत में लंबित इस मामले में आरोपी नंबर 1 हैं।
अदालत ने आगे कहा कि अनुमति मांगने के लिए बताए गए आधार 'वास्तविक और सद्भावपूर्ण' (Genuine and Bonafide) प्रतीत होते हैं।
अदालत ने 15 मई के अपने आदेश में यह टिप्पणी की,
"...ऐसा प्रतीत होता है कि इस आरोपी को अपनी निजी क्षमता में अपने व्यवसाय के विकास या सुधार के संबंध में, और अपने अधिकार क्षेत्र (Portfolio) के तहत विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं - जैसे कि लघु सिंचाई और बेंगलुरु विकास - के विकास के संबंध में विभिन्न देशों की यात्रा करने की आवश्यकता हो सकती है।"
इसके अतिरिक्त, अदालत ने यह भी पाया कि इसी मामले में आरोपी नंबर 3 [सुनील कुमार शर्मा - M/s. शर्मा ट्रांसपोर्ट्स के प्रोपराइटर] को पहले ही आठ महीने की अवधि के लिए विदेश यात्रा करने की अनुमति दी जा चुकी थी।
समानता के सिद्धांत पर भरोसा करते हु, अदालत ने यह फैसला दिया:
"...ऐसी स्थिति में समानता के सिद्धांत के आधार पर इस आरोपी को उक्त लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता। जैसा कि कर्नाटक के माननीय हाईकोर्ट ने 'ए.वी. विनोदा और अन्य बनाम कर्नाटक राज्य' के मामले में कहा था कि समान मामलों के साथ समान व्यवहार किया जाना चाहिए। यदि किसी एक वादी को कोई राहत दी जाती है तो समान परिस्थितियों वाले अन्य वादियों को भी वैसी ही राहत देने से मना नहीं किया जा सकता, बशर्ते कोई उचित अपवाद न हो..."।
अदालत ने टिप्पणी की कि शिकायतकर्त आयकर विभाग ने आरोपी नंबर 3 (सुनील कुमार शर्मा) की तुलना में शिवकुमार के मामले में कोई विशेष अपवाद नहीं बताया था।
अदालत ने आगे यह निष्कर्ष निकाला कि आयकर विभाग के विशेष लोक अभियोजक ने अनुमति देने पर कोई गंभीर आपत्ति नहीं जताई। उनकी एकमात्र आपत्ति यह थी कि दो साल की लंबी अवधि की अनुमति देना उचित नहीं होगा, क्योंकि ऐसा करना जमानत की शर्तों में बदलाव करने जैसा माना जा सकता है।
तदनुसार, अदालत ने अर्जी मंजूर की और शिवकुमार को कुछ शर्तों के साथ दो साल की अवधि के लिए अमेरिका, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, रूस, यूरोपीय और अरब देशों की यात्रा करने की अनुमति दी। इन शर्तों में ऊपर बताए गए हर देश की यात्रा का पूरा ब्योरा समय-समय पर जांच एजेंसी को देना शामिल है।
इस मामले की अगली सुनवाई 10 जून, 2026 को होगी।
Case Title: Income Tax Department v. D.K. Shivakumar & Others Case Title: CC 30798/2021