गंगा इफ्तार पार्टी विवाद | वाराणसी कोर्ट ने 14 आरोपियों को 1 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेजा

Update: 2026-03-20 06:58 GMT

वाराणसी कोर्ट ने 14 लोगों के समूह को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इन पर आरोप है कि इन्होंने गंगा नदी के बीच में एक नाव पर 'इफ्तार' पार्टी का आयोजन करके और नदी में हड्डियां व खाने का जूठा फेंककर हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई। बता दें, इस मामले में एक FIR दर्ज की गई थी।

सभी आरोपी 1 अप्रैल, 2026 तक न्यायिक हिरासत में रहेंगे। इस मामले की अगली सुनवाई 23 मार्च, 2026 को होगी, जब उनकी ज़मानत याचिकाओं पर विचार किया जाएगा।

कथित तौर पर यह इफ्तार पार्टी 15 मार्च को आयोजित की गई थी, जिसके दौरान इन 14 आरोपियों ने नाव की सवारी करते हुए चिकन बिरयानी खाई और खाने का जूठा नदी में फेंक दिया।

भारतीय जनता युवा मोर्चा के ज़िला अध्यक्ष रजत जायसवाल की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए वाराणसी पुलिस ने इन्हें 17 मार्च को गिरफ्तार किया था।

आरोपियों पर BNS की धारा 196(1)(b) [दुश्मनी को बढ़ावा देना], 270 [सार्वजनिक उपद्रव], 279 [सार्वजनिक झरने या जलाशय के पानी को दूषित करना], 298 [पूजा स्थल को नुकसान पहुंचाना या अपवित्र करना], 299 [जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्य, जिसका उद्देश्य किसी वर्ग के धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करके उनकी धार्मिक भावनाओं को आहत करना हो] और 223(b) के तहत साथ ही जल (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1974 की धारा 24 [प्रदूषण फैलाने वाले पदार्थ के निपटान के लिए नदी या कुएं के उपयोग पर रोक] के तहत मामला दर्ज किया गया।

गुरुवार को ACJM की कोर्ट ने सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। कोर्ट ने सभी आरोपियों के आपराधिक हिस्ट्री का भी विवरण मांगा।

Advocate Shashank Shekhar Tripathi appeared for the informant.

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