मनी लॉन्ड्रिंग केस में GamesKraft के संस्थापकों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत
गेम्सक्राफ्ट टेक्नोलॉजीज के संस्थापकों दीपक सिंह, विकास तनेजा और पृथ्वीराज सिंह को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बेंगलुरु के स्पेशल कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा। अदालत ने तीनों को 2 जून 2026 तक जेल भेजने का आदेश दिया।
यह कार्रवाई प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दर्ज मामले में की गई। इससे पहले 8 मई को गिरफ्तारी के बाद विशेष अदालत ने दो अलग-अलग मौकों पर तीनों को ED की हिरासत में भेजा था।
ED का आरोप है कि GamesKraft ने खेलों के नतीजों में हेरफेर किया और ग्राहकों को बड़े पैमाने पर पैसे जमा करने के लिए प्रेरित किया। कंपनी पर ऑनलाइन गेमिंग मंच के जरिए कथित वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया गया।
प्रिंसिपल सिटी सिविल एवं सेशन जज एम. चंद्रशेखर रेड्डी ने सुनवाई के बाद तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
इससे एक दिन पहले तीनों संस्थापकों ने कर्नाटक हाईकोर्ट में अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए कहा था कि ED के पास गिरफ्तारी के लिए कोई नया ठोस आधार नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि एजेंसी समन जारी करने के बजाय सीधे गिरफ्तारी पर क्यों उतारू हुई?
संस्थापकों की ओर से यह भी दलील दी गई कि गिरफ्तारी पहले से तय की गई कार्रवाई थी, ताकि इसी तरह के मामले में पहले दिए गए स्थगन आदेश को दरकिनार किया जा सके।
गौरतलब है कि कर्नाटक हाईकोर्ट ने 22 जनवरी को गेम्सक्राफ्ट टेक्नोलॉजीज के खिलाफ ED की जांच पर रोक लगा दी थी। अदालत ने कहा था कि मूल FIR में पुलिस द्वारा क्लोजर रिपोर्ट दाखिल किए जाने के बाद ECIR का आधार समाप्त हो गया।
हालांकि, बाद में तेलंगाना में GamesKraft के निदेशकों के खिलाफ 24 जनवरी, 10 फरवरी और 12 फरवरी 2026 को तीन नई FIR दर्ज की गईं। इन्हीं मामलों को आधार बनाकर ED ने नया ECIR दर्ज किया।
बता दें, गेम्सक्राफ्ट टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड वर्ष 2017 में स्थापित ऑनलाइन मंच संचालित करने वाली कंपनी है, जो कौशल आधारित ऑनलाइन खेल उपलब्ध कराती थी। कंपनी के मंच पर वास्तविक धन से रमी जैसे खेल खेले जाते थे। कंपनी के देशभर में 10 लाख से अधिक यूजर्स बताए जाते हैं और इसका मुख्यालय बेंगलुरु में स्थित है।