चारा घोटाला: सीबीआई कोर्ट ने डोरंडा कोषागार मामले में लालू प्रसाद यादव को दोषी करार दिया

Update: 2022-02-15 11:30 GMT

रांची की विशेष सीबीआई अदालत ने डोरंडा कोषागार से 139.5 करोड़ रुपये की अवैध निकासी के मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को दोषी करार दिया। चारा घोटाले से जुड़ा यह पांचवां मामला है, जिसमें कोर्ट ने उन्हें दोषी पाया है।

विशेष सीबीआई न्यायाधीश सीके शशि ने फैसला सुनाया। 18 फरवरी को मामले की सजा तय की जाएगी। चारा घोटाले से जुड़े इस पांचवें मामले में वर्ष 1996 में रांची के डोरंडा पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई थी। बाद में सीबीआई ने इस मामले को अपने हाथ में ले लिया था।

चारा घोटाले के ये मामले 1990 से 1996 तक के हैं। अभियोजन पक्ष के अनुसार, सीएजी ने समय-समय पर राज्य सरकार को घोटाले से संबंधित जानकारी भेजी, लेकिन सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया।

सीबीआई ने इस आशय के दस्तावेज पेश किए कि उस समय राज्य के मुख्यमंत्री रहे लालू यादव ने पूरे मामले की जानकारी होने के बावजूद इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। आरोप है कि कई सालों तक वे खुद भी राज्य के वित्त मंत्री रहे और उनकी मंजूरी पर ही फर्जी बिलों के आधार पर राशि निकाली गई।

चारा घोटाला के उन पांच मामलों में से यह मामला आखिरी है जिसमें लालू यादव को आरोपी बनाया गया है। बाकी चार मामलों में लालू यादव को चाईबासा कोषागार के दो अलग-अलग मामलों में सात-सात साल, दुमका कोषागार से अवैध निकासी के मामले में पांच साल और देवघर कोषागार से अवैध निकासी के मामले में चार-चार साल की सजा सुनाई गई। चारों मामलों में लालू यादव ने जेल में सजा काटकर पचास प्रतिशत सजा पूरी कर ली है।

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