IAS अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल पर न्यायिक अधिकारी को कथित दबाव देने का आरोप, यूपी न्यायिक सेवा संघ ने मांगी कार्रवाई
उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा संघ (UP Judicial Services Association) ने देवीपाटन मंडल की आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल द्वारा गोंडा की सिविल जज (सीनियर डिवीजन) शबीना खान के न्यायिक कार्य में कथित हस्तक्षेप को लेकर राज्य सरकार से उचित कार्रवाई की मांग की है।
संघ ने 26 अगस्त 2026 को उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को भेजे पत्र में समाचार रिपोर्टों, सोशल मीडिया पोस्ट और इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के आदेश का हवाला देते हुए एक लंबित सिविल वाद के संबंध में आयुक्त और न्यायिक अधिकारी के बीच हुई कथित फोन बातचीत का उल्लेख किया।
संघ के अनुसार, आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने लंबित सिविल वाद के संबंध में जज शबीना खान से कथित तौर पर फोन पर बातचीत की और खुद को वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी बताते हुए न्यायिक अधिकारी पर दबाव बनाने का प्रयास किया। संघ ने आरोप लगाया कि बातचीत के दौरान हाईकोर्ट में शिकायत करने तथा मामले को दूसरी अदालत में स्थानांतरित कराने की धमकी भी दी गई।
न्यायिक सेवा संघ ने पारित किया प्रस्ताव
मामले की जानकारी मिलने के बाद संघ के पदाधिकारियों ने 24 अगस्त 2026 को ऑनलाइन बैठक की। बैठक में विस्तृत चर्चा के बाद संघ ने आयुक्त के कथित आचरण की निंदा करते हुए आवश्यक कार्रवाई की मांग का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया।
संघ ने कहा कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता और कार्यपालिका तथा न्यायपालिका के बीच शक्तियों का पृथक्करण न्याय व्यवस्था के मूल आधार हैं। न्यायिक अधिकारियों पर किसी भी प्रकार का दबाव उनकी स्वतंत्र एवं निष्पक्ष तरीके से न्यायिक कार्य करने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है।
प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के लिए स्पष्ट निर्देश की मांग
संघ ने राज्य सरकार से प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के लिए स्पष्ट निर्देश जारी करने की मांग की है, ताकि लंबित मामलों में न्यायिक अधिकारियों पर किसी प्रकार का दबाव न बनाया जाए और न्यायिक कार्यवाही या फैसलों को प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करने का प्रयास न हो।
संघ ने यह भी मांग की कि न्यायिक अधिकारियों और उनके परिवार के सदस्यों को न्यायिक कार्य से जुड़े मामलों में दबाव या उत्पीड़न से बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
जज शबीना खान के समर्थन में खड़ा हुआ संघ
उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा संघ ने सिविल जज (सीनियर डिवीजन) शबीना खान के प्रति अपना समर्थन व्यक्त करते हुए न्यायपालिका की स्वतंत्रता, निष्पक्षता और गरिमा की रक्षा पर जोर दिया।
संघ ने कहा कि न्यायिक अधिकारियों की गरिमा और न्याय व्यवस्था में जनता के विश्वास को बनाए रखना आवश्यक है तथा ऐसी परिस्थितियों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए उचित प्रशासनिक और कानूनी कदम उठाए जाने चाहिए।
यह प्रतिनिधित्व यूपी न्यायिक सेवा संघ के महासचिव गुनेंद्र प्रकाश ने हस्ताक्षरित किया है और इसकी प्रतियां इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश तथा उत्तर प्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव, न्याय एवं विधि परामर्शी को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई हैं।