धुरंधर स्क्रिप्ट विवाद: संतोष कुमार के माफ़ी मांगने के बाद हाईकोर्ट ने बंद किया डायरेक्टर आदित्य धर का मानहानि मुकदमा

Update: 2026-05-05 04:03 GMT

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में रिलीज़ हुई बॉलीवुड फ़िल्म 'धुरंधर' के डायरेक्टर आदित्य धर द्वारा फ़िल्ममेकर संतोष कुमार के ख़िलाफ़ दायर मानहानि का मुकदमा निपटा दिया। संतोष कुमार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि इस फ़िल्म की स्क्रिप्ट उनके ओरिजिनल काम 'D Saheb' से 'कॉपी' की गई।

सिंगल-जज जस्टिस आरिफ़ डॉक्टर ने 30 अप्रैल को यह मुकदमा निपटा दिया, जब कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में धर के ख़िलाफ़ कही गई बातों के लिए माफ़ी मांग ली।

जस्टिस डॉक्टर ने अपने आदेश में लिखा,

"मिस्टर भूरा संतोष कुमार (जो कोर्ट में मौजूद हैं) की तरफ़ से वकील के तौर पर पेश हुए। उन्होंने 30 मार्च, 2026 को हुई प्रेस मीटिंग में दिए गए बयानों के लिए माफ़ी मांगी। डॉ. सराफ़ आदित्य धर की तरफ़ से सीनियर वकील के तौर पर पेश हुए। उन्होंने कहा कि माफ़ी मांगने के बाद उनके क्लाइंट अब हर्जाने के लिए मुकदमा आगे नहीं बढ़ाना चाहते। वह इस माफ़ी को स्वीकार करते हैं और कहते हैं कि अब इस मुकदमे को इसी हिसाब से निपटाया जा सकता है। इसे देखते हुए अब इस मुकदमे में आगे कुछ नहीं बचा है और इसे इसी हिसाब से निपटाया जाता है।"

हालांकि, जज ने कुमार को फ़िल्म की स्क्रिप्ट पर अपने दावे के संबंध में उचित कानूनी कार्रवाई शुरू करने की आज़ादी दी है।

आदेश में कहा गया,

"यह साफ़ किया जाता है कि अगर कुमार का फ़िल्म 'धुरंधर: द रिवेंज (2026)' की स्क्रिप्ट के संबंध में वादी (Plaintiff) के ख़िलाफ़ कोई दावा है तो उन्हें ऐसा करने की पूरी आज़ादी होगी और यह आदेश किसी भी तरह से उनके इस दावे के आड़े नहीं आएगा।"

धर ने कोर्ट में अर्ज़ी दी, जिसमें उन्होंने 'धुरंधर' फ़िल्म के दूसरे भाग - 'धुरंधर: द रिवेंज (2026)' की रिलीज़ के बाद फ़िल्ममेकर के ख़िलाफ़ कथित तौर पर मानहानिकारक टिप्पणियां करने के लिए कुमार के ख़िलाफ़ रोक लगाने वाले आदेश (Restraining Orders) जारी करने की मांग की थी। उन्होंने बताया कि कुमार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी और उसमें साहित्यिक चोरी (Plagiarism) के कुछ आरोप लगाए। उनका यह दावा था कि कुमार ने धर पर उनकी स्क्रिप्ट 'कॉपी' करने का आरोप लगाया, जिसे उन्होंने 2023 में स्क्रीनराइटर्स एसोसिएशन में रजिस्टर करवाया।

यह बताना भी ज़रूरी है कि कुमार ने दावा किया कि उन्होंने अपनी ओरिजिनल स्क्रिप्ट, जिसका टाइटल 'डी साहब' था, कई बड़े प्रोडक्शन हाउस के साथ डिस्कस की थी। हालांकि, इससे पहले कि बात आगे बढ़ती, धर ने उनकी स्क्रिप्ट कॉपी कर ली और वह फ़िल्म बना दी, जिस पर यह विवाद है।

इस मामले की पहली सुनवाई 8 अप्रैल को हुई थी, जब बेंच ने कुमार को धर या फ़िल्म के ख़िलाफ़ कोई भी मानहानिकारक टिप्पणी करने से रोक दिया।

16 अप्रैल को हुई एक सुनवाई में जस्टिस डॉक्टर ने दोनों पक्षों से आग्रह किया कि वे इस विवाद को 'सुलझाने' की कोशिश करें और इसे मानहानि का मुक़दमा दायर करने की हद तक 'बढ़ाएँ' नहीं।

इसके बाद 30 अप्रैल को हुई सुनवाई में कुमार ने कोर्ट को मौखिक रूप से बताया कि अब से वह धर या फ़िल्म के ख़िलाफ़ कोई भी मानहानिकारक टिप्पणी नहीं करेंगे। हालांकि, उनके वकील ने प्रेस मीट में की गई टिप्पणियों के लिए माफ़ी माँगने से यह कहते हुए इनकार किया कि वे टिप्पणियां सीधे तौर पर धर के ख़िलाफ़ नहीं की गईं। हालांकि, यह मामला फिर से जज के सामने उठाया गया, जब कुमार ने आख़िरकार अपने बयानों के लिए माफ़ी मांग ली और मामला सुलझ गया।

Case Title: Aditya Dhar vs Santosh Kumar

Tags:    

Similar News