एडजर्नमेंट मांगते समय वादी पक्ष के वकील को जानकारी न देने पर वकील पर लगा जुर्माना

Update: 2026-02-21 15:13 GMT

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में एक वकील पर एडजर्नमेंट मांगते समय दूसरी तरफ के वकील को जानकारी न देने पर जुर्माना लगाया।

जस्टिस अनीश दयाल ने सिविल प्रोसीजर कोड, 1908 की धारा 115 के साथ धारा 151 के तहत दायर की गई याचिका में प्रतिवादी पक्ष की ओर से पेश हुए वकील पर 15,000 रुपये का खर्च लगाया।

याचिकाकर्ताओं ने जुलाई 2024 में पास हुए ऑर्डर का रिव्यू करने की मांग की, जिसके तहत डिफेंडेंट्स द्वारा CPC के ऑर्डर VII रूल 11 के तहत दायर किया गया आवेदन खारिज कर दिया गया था।

28 जनवरी को प्रतिवादी के वकील की ओर से एडजर्नमेंट की रिक्वेस्ट की गई, जिस पर याचिकाकर्ताओं के वकील ने इस आधार पर आपत्ति जताई कि पिछली दो तारीखों पर भी एडजर्नमेंट की रिक्वेस्ट की गई थी।

प्रतिवादी की ओर से पेश प्रॉक्सी वकील ने कहा कि उन्हें दूसरे राज्य में किसी दूसरे मामले के लिए दिल्ली से बाहर जाना पड़ा। कोर्ट ने कहा कि याचिकार्ता की तरफ से पेश हुए वकील को सुबह इस बारे में नहीं बताया गया।

इस पर जज ने कहा:

“दूसरे पक्ष के वकील को इस तरह से न बताना कोर्ट की कड़ी निंदा है, क्योंकि इससे दूसरे पक्ष के वकील को बिना किसी वजह के परेशानी होती है।”

कोर्ट ने आदेश दिया,

“इसलिए 15,000/- रुपये का खर्चा दो हफ़्ते के अंदर रिस्पॉन्डेंट के वकील को याचिकाकर्ता के वकील को देना होगा।”

Title: OM PRAKSH MALHOTRA & ANR v. SACHIN MALHOTRA

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