'लेडी चैटरलीज़ लवर' फिल्म की स्ट्रीमिंग के खिलाफ याचिका, हाईकोर्ट ने केस करने वाले से कहा- ग्रीवांस काउंसिल जाओ

Update: 2026-02-21 15:26 GMT

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में एक याचिका बंद की, जिसमें OTT प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर भारत में फिल्म लेडी चैटरलीज़ लवर की लगातार स्ट्रीमिंग को इस आधार पर रोकने की मांग की गई कि इसमें “बहुत ज़्यादा ग्राफिक सेक्सुअल सीन और फ्रंटल न्यूडिटी” है।

जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने केस करने वाले राज कुमार को डिजिटल पब्लिशर कंटेंट ग्रिवांस काउंसिल जाने की छूट दी, जो दर्शकों की शिकायतों को हल करने के लिए इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी रूल्स 2021 के तहत एक टियर-टू बॉडी है।

खुद पेश होकर कुमार ने तर्क दिया कि उन्होंने घर पर फिल्म देखी, जहां इसे अनजाने में उनके परिवार के सदस्यों, जिनमें नाबालिग बच्चे भी शामिल हैं, उन्होंने देख लिया, जिससे उन्हें मानसिक परेशानी हुई और आर्टिकल 21 के तहत उनके प्राइवेसी, सम्मान और घर में शांति से रहने के अधिकार का उल्लंघन हुआ। उन्होंने कहा कि फिल्म में ग्राफ़िक सेक्स सीन, सामने से नग्नता और साफ़ हरकतें हैं, जो कुल मिलाकर अश्लील, पोर्नोग्राफ़िक हैं और आज के कम्युनिटी स्टैंडर्ड और भारतीय कानून के तहत मंज़ूर लिमिट के ख़िलाफ़ हैं।

नेटफ़्लिक्स इंडिया की ओर से पेश वकील ने कहा कि कुमार की शिकायतों की पहले ही जांच की जा चुकी है और 22 नवंबर, 2025 के कम्युनिकेशन के ज़रिए उन्हें खारिज कर दिया गया, जिसमें कहा गया कि फिल्म ने IT रूल्स, 2021 या किसी भी लागू कानून का उल्लंघन नहीं किया।

यह भी कहा गया कि कुमार अभी भी डिजिटल पब्लिशर्स कंटेंट ग्रिवांस काउंसिल (टियर-2) के सामने अपनी शिकायत कर सकते हैं, जो काम कर रही है और जिसके चेयरमैन सुप्रीम कोर्ट के एक पूर्व जज हैं।

बयान को रिकॉर्ड पर लेते हुए जज ने याचिका का निपटारा किया।

कोर्ट ने कहा,

"इसे देखते हुए याचिकाकर्ता को संबंधित काउंसिल से संपर्क करने की आज़ादी दी जाती है और अगर याचिकाकर्ता ऐसा करता है तो इसमें कोई शक नहीं है कि उसकी शिकायत को उसके लॉजिकल नतीजे तक नहीं पहुंचाया जा सकता।"

Title: RAJ KUMAR v. UNION OF INDIA & ANR

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