अभिजीत मित्रा के खिलाफ FIR का आदेश, न्यूज़लॉन्ड्री की मनीषा पांडे के खिलाफ की थी अपमानजनक पोस्ट
दिल्ली कोर्ट ने बुधवार (22 अप्रैल) को टिप्पणीकार अभिजीत अय्यर मित्रा के खिलाफ FIR दर्ज करने का निर्देश दिया। यह निर्देश डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म न्यूज़लॉन्ड्री की संपादकीय निदेशक मनीषा पांडे द्वारा दायर शिकायत मामले पर दिया गया, जिसमें उन्होंने मित्रा पर सोशल मीडिया पर उनके और अन्य महिला कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया था।
साकेत कोर्ट के प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट भानु प्रताप सिंह ने पांडे द्वारा दायर उस याचिका पर यह आदेश पारित किया, जिसमें उन्होंने मित्रा के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की थी।
कोर्ट ने कहा कि मित्रा के ट्वीट "यौन रंगत वाली टिप्पणियों" की श्रेणी में आते हैं और "प्रथम दृष्टया" उनका उद्देश्य शिकायतकर्ता की गरिमा का अपमान करना था, जिनका नाम उन ट्वीट्स में से एक में लिया गया। कोर्ट ने यह भी कहा कि मित्रा के ट्वीट्स की सामग्री से BNS की धारा 75(3) (यौन रंगत वाली टिप्पणियां) और 79 (महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाना) के तहत संज्ञेय अपराधों का होना पता चलता है।
कोर्ट ने यह भी कहा कि पुलिस जांच ज़रूरी है, क्योंकि यह अपराध साइबरस्पेस में "X" प्लेटफ़ॉर्म पर किया गया।
कोर्ट ने कहा,
"इसलिए 'X' प्लेटफ़ॉर्म पर उस यूज़र अकाउंट की पुष्टि करने के लिए पुलिस जांच ज़रूरी है, जिससे ये ट्वीट प्रकाशित किए गए।"
कोर्ट ने आगे कहा कि पुलिस जांच इसलिए भी ज़रूरी है ताकि उस कंप्यूटर स्रोत/इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का पता लगाया जा सके और उसे बरामद किया जा सके, जिससे ये ट्वीट प्रकाशित किए गए।
FIR दर्ज करने का निर्देश देते हुए कोर्ट ने कहा,
"इस कोर्ट की यह भी राय है कि इस मामले में PSI ओंबीर द्वारा दायर 'एक्शन टेकन रिपोर्ट' (की गई कार्रवाई की रिपोर्ट) संतोषजनक नहीं है, क्योंकि उस रिपोर्ट में ऊपर बताए गए ट्वीट्स पर विचार नहीं किया गया।"
पांडे ने आरोप लगाया था कि मित्रा ने "X" (जिसे पहले Twitter के नाम से जाना जाता था) पर उनके खिलाफ यौन रूप से अपमानजनक सोशल मीडिया सामग्री पोस्ट की थी।
Case title: Manisha Pande & Ors. v/s Abhijit Iyer Mitra