दिल्ली कोर्ट ने सोमवार (12 अक्टूबर) को 2018 के मानहानि मामले में यूट्यूबर ध्रुव राठी को नया समन जारी किया।

यह मामला विकास संस्कृतिायन की शिकायत से जुड़ा है, जिसमें आरोप लगाया गया कि राठी ने एक वीडियो पोस्ट किया था जो मानहानि करने वाला था।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि जर्मनी में रहने वाले राठी ने 'बीजेपी आईटी सेल पार्ट II' नाम का एक वीडियो पब्लिश और सर्कुलेट किया, जिसमें शिकायतकर्ता पर कई झूठे आरोप लगाए गए।

साकेत कोर्ट के ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास (साउथ ईस्ट) राहुल जैन ने राठी को नया समन जारी किया। शिकायतकर्ता ने मामले की सुनवाई जल्दी करने के लिए अर्जी दी थी, जबकि यह मामला पहले 20 नवंबर के लिए लिस्टेड था।

शिकायतकर्ता ने सुनवाई जल्दी करने की अर्जी इस आधार पर दी थी कि राठी, जो आमतौर पर विदेश में रहते हैं, अभी "CJP प्रोटेस्ट" के सिलसिले में भारत में हैं।

उन्होंने नया समन जारी करने की मांग की ताकि राठी तक समन पहुंचाने के लिए तुरंत कदम उठाए जा सकें। उन्होंने तर्क दिया कि राठी के विदेश में रहने के कारण समन पहुंचाने में पिछले कई सालों से देरी हो रही थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें हरियाणा में राठी के निवास स्थान के बारे में जानकारी है।

कोर्ट ने कहा,

"मौजूदा रिकॉर्ड से यह साफ है कि शिकायतकर्ता पिछले कई सालों से आरोपी नंबर 1 को समन तामील कराने की कोशिश कर रहा है, क्योंकि आरोपी को शुरू में 23.07.2019 के आदेश के तहत समन भेजा गया। शिकायतकर्ता के वकील की दलीलों को देखते हुए आरोपी नंबर 1 को नया समन जारी किया जाए..."

कोर्ट ने 'दस्ती समन' (सीधे तामील होने वाला समन) भी जारी करने का निर्देश दिया।

अब यह मामला 17 अक्टूबर के लिए लिस्टेड है।

Case Title : Vikas Sankrityayan @ Vikas Pandey v/s Dhruv Rathee

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