दिल्ली कोर्ट ने शनिवार को आम आदमी पार्टी (AAP) नेता सौरभ भारद्वाज के ख़िलाफ़ डिप्टी सीएम प्रवेश वर्मा द्वारा दायर आपराधिक मानहानि का केस खारिज किया।

राउज़ एवेन्यू कोर्ट की एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (ACJM) नेहा मित्तल ने वह याचिका खारिज किया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि भारद्वाज ने कथित तौर पर यह इशारा किया कि वर्मा ने एक स्कूल के अधिकारियों का पक्ष लेने के लिए अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल किया, जिस स्कूल में तीन साल के बच्चे के साथ यौन उत्पीड़न (POCSO) का मामला सामने आया है।

जज ने शनिवार को मामले का संज्ञान लेने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि AAP नेता द्वारा लगाए गए कथित आरोप सवाल पूछने की प्रकृति के हैं और उनसे मानहानि नहीं होती।

प्रवेश वर्मा ने सौरभ भारद्वाज पर मई में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (X, इंस्टाग्राम और फेसबुक सहित) पर "दुर्भावनापूर्ण और झूठ से भरे" बयान पोस्ट करने का आरोप लगाया।

अदालत ने जुलाई में वर्मा का बयान और गवाहों की गवाही दर्ज की।

अगस्त और सितंबर में अदालत ने मामले का संज्ञान लेने से पहले के चरण (Pre-Cognizance Stage) से जुड़ी दलीलें सुनीं।

तब अदालत ने वर्मा और उनके सहयोगियों को उन खास सोशल मीडिया पोस्ट को हटाने या उनमें बदलाव करने से रोक दिया और X और मेटा जैसे प्लेटफॉर्म को डिजिटल डेटा और सर्वर लॉग सुरक्षित रखने का निर्देश दिया।

अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

Tags: