बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने जम्मू और कश्मीर से आर्टिकल 370 खत्म करने और उसे केंद्र शासित प्रदेश बनाने पर बार की ओर से प्रेस रिलीज़ जारी करके केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की तारीफ की थी। लेकिन इसके बाद बार के सदस्य एन मनोज कुमार ने मनन कुमार के लेटर हैड पर जारी उक्त प्रेस रिलीज़ को उनके निजी विचार बताए और कहा कि बार का इस बयान से कोई लेना देना नहीं है।

सोमवार को राज्य सभा में गृहमंत्री अमित शाह ने जम्मू और कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने के लिए सरकार की ओर से प्रस्ताव दिया जिसे मान लिया गया। मंगलवार को यह बिल लोकसभा में भी पास हो गया।

मनन कुमार मिश्रा ने सोमवार को बार काउंसिल की ओर से एक बयान जारी करते हुए केंद्र सरकार के फैसले की सराहना की थी और कहा था कि नरेंद्र मोदी जैसे साहसिक और बोल्ड नेता ही इस तरह का ऐतिहासिक फैसला ले सकते थे। उन्होंने गृहमंत्री अमित शाह की भी प्रशंसा की।


बार सदस्य मनोज कुमार ने इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि मनन कुमार की ओर से जारी बयान उनकी निजी राय है और उनके इन विचारों से बार काउंसिल का कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि बार काउंसिल में ऐसी कोई परिचर्चा नहीं हुई और न ही ऐसा कोई प्रस्ताव बार काउंसिल द्वारा पारित किया गया।

बार सदस्य ने कहा कि मेरे विचार में केंद्र सरकार का जम्मू और कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाना और राष्ट्रपति के आदेश द्वारा विशेष राज्य का दर्जा वापस लेना न केवल असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक निर्णय है बल्कि यह राष्ट्रीय एकता के खिलाफ भी है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के आदेश से अनुच्छेद 367 या अनुच्छेद 370 में संशोधन करना केंद्र सरकार या राष्ट्रपति की शक्तियों से पूरी तरह परे है। उन्होंने कहा कि यह विडंबना है कि बार काउंसिल के लिए चेयरमैन ने बार की ओर से इस तरह का बयान जारी किया, लेकिन यह उनकी निजी राय है।  

चित्र : BCI सदस्य मनोज कुमार




 


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