सभी पुरुष कर्मचारी घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर करके बताएंगे कि शादी पर उन्होंने दहेज नहीं लिया : केरल सरकार

Update: 2021-07-25 11:25 GMT

केरल की राज्य सरकार ने हाल ही में अपने सभी पुरुष कर्मचारियों को एक घोषणा पत्र (Undertaking) पर हस्ताक्षर करने का निर्देश देकर एक साहसिक कदम उठाया है, जिसमें घोषणा की गई है कि वे शादी पर दहेज को बढ़ावा नहीं देंगे या दहेज स्वीकार नहीं करेंगे।

16 जुलाई 2021 के एक सर्कुलर के माध्यम से राज्य ने राज्य में बढ़ती दहेज मौतों की चिंता को दूर करने के लिए कई प्रमुख निर्देश भी दिए। यह सर्कुलर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जारी किया गया, जो पूरे राज्य में दहेज निषेध से संबंधित कार्यों के संचालन और समन्वय का प्रभारी है।

तदनुसार, यह घोषित किया गया कि प्रत्येक सरकारी कर्मचारी को अपने विभाग के प्रमुख को एक घोषणा पत्र प्रस्तुत करना होगा जिसमें यह घोषित किया जाए कि उसे विवाह पर या उसके उपरांत दहेज नहीं मिला है। इस घोषणा पत्र पर कर्मचारी की पत्नी, उसके पिता और उसके ससुर के हस्ताक्षर किए जाने चाहिए।

साथ ही निजी, स्वायत्त निकायों एवं अन्य संस्थाओं सहित सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिया गया कि वे अपने कर्मचारियों से उनकी शादी के एक माह के भीतर उक्त घोषणा पत्र प्राप्त करें।

उन्हें इस सर्कुलर की प्राप्ति की पावती भी देनी होगी और इस तरह हर छह महीने में हर साल 10 अप्रैल और अक्टूबर से पहले संबंधित जिला दहेज निषेध अधिकारियों को घोषणा पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।

जिला दहेज प्रतिषेध अधिकारियों को उन सभी विभागों की रिपोर्ट प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया गया है, जिन्होंने प्रत्येक अप्रैल और अक्टूबर की 15 तारीख से पहले उक्त घोषणाएं प्रस्तुत नहीं की हैं।

सर्कुलर को घोषणा के प्रारूप और अनुलग्नक के रूप में प्रस्तुत की जाने वाली रिपोर्ट के साथ भी संलग्न किया गया। साथ ही निर्देश दिया गया कि राज्य में हर साल 26 नवंबर को दहेज निषेध दिवस के रूप में मनाया जाएगा।

आगे निर्देश दिया गया कि स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों के छात्र इस दिन आम सभा में दहेज न देने या प्राप्त करने का संकल्प लिया जाए।

सर्कुलर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



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