महाराष्ट्र सरकार ने शुक्रवार (21 अगस्त) को मुंबई कोर्ट से अनुरोध किया कि वह प्रतिबंधित संगठन 'लश्कर-ए-तैयबा' के हैंडलर - हाफ़िज़ सईद और ज़की-उर-रहमान लखवी (जो शहर में हुए घातक 26/11 आतंकी हमलों के मुख्य मास्टरमाइंड थे) - समेत छह फरार पाकिस्तानी नागरिकों पर उनकी गैर-मौजूदगी में मुकदमा चलाए।

सेशन जज सत्यनारायण नवलंदर ने राज्य को 17 सितंबर तक का समय दिया ताकि वह इंटरपोल के ज़रिए पाकिस्तान में मौजूद छह आरोपियों - सईद, लखवी, साजिद मीर, अबू अलकमा, आसिम उर्फ ​​अबू कहफ़ा और मेजर अब्दुर रहमान पाशा - को मुकदमे के बारे में औपचारिक कानूनी नोटिस भेज सकें।

इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए राज्यसभा सांसद और स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर उज्ज्वल निकम ने 'लाइव लॉ' को बताया कि शुक्रवार शाम अदालत में एक औपचारिक रिपोर्ट सौंपी गई, जिसमें बताया गया कि मुंबई में हाईकोर्ट और सेशन कोर्ट समेत कई सार्वजनिक स्थानों पर सार्वजनिक उद्घोषणा के आदेश पहले ही चस्पा कर दिए गए।

निकम ने कहा,

"हमने मुंबई में हाईकोर्ट और सेशन कोर्ट समेत कई सार्वजनिक स्थानों पर सार्वजनिक उद्घोषणा के आदेश चस्पा कर दिए... इसके अलावा, हमने केंद्रीय गृह मंत्रालय को भी लिखा कि वे इंटरपोल के ज़रिए उद्घोषणा आदेश भेजें। हमें इस पर मंत्रालय से अभी कोई जवाब नहीं मिला, लेकिन जैसे ही वे जवाब देंगे, उद्घोषणा आदेश इंटरपोल के ज़रिए भेजा जाएगा... अदालत ने हमें 17 सितंबर तक का समय दिया।"

निकम ने आगे बताया कि एक बार जब इंटरपोल के ज़रिए उद्घोषणा आदेश भेज दिया जाएगा तो अदालत 90 दिनों तक और इंतज़ार करेगी और फिर अभियोजन पक्ष से गैर-मौजूदगी में मुकदमा आधिकारिक रूप से शुरू करने के लिए नई याचिका दायर करने को कहेगी। अगर फरार आरोपी इंटरपोल के नोटिस का जवाब नहीं देते हैं तो उनका प्रतिनिधित्व करने के लिए कानूनी सहायता वकील नियुक्त किए जाएंगे और उसी के अनुसार मुकदमा शुरू होगा।

अदालत के समक्ष दायर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 356 के तहत याचिका के अनुसार, निकम ने कहा कि राज्य ने मुख्य रूप से उन सबूतों पर भरोसा किया, जो आतंकवादी अजमल कसाब और अमेरिका स्थित अप्रूवर (सरकारी गवाह) डेविड कोलमैन हेडली की गवाही से मिले हैं। खास बात यह है कि कसाब और हेडली, दोनों ने सईद और उन पांच अन्य भगोड़ों की भूमिकाओं के बारे में विस्तार से बताया था, जो अभी पाकिस्तान में रह रहे हैं।

इस मामले की अगली सुनवाई अब 17 सितंबर को होगी।

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