पश्चिम बंगाल SIR | कक्षा 10 का एडमिट कार्ड स्वीकार करना होगा: सुप्रीम कोर्ट ने निर्वाचन आयोग से कहा

Update: 2026-01-19 12:15 GMT

पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) प्रक्रिया से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य बोर्ड द्वारा जारी कक्षा 10 (माध्यमिक) का एडमिट कार्ड गणना (एन्यूमरेशन) के लिए एक वैध दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया जाना चाहिए।

चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस जयमाल्या बागची की खंडपीठ पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।

सुनवाई के दौरान तृणमूल कांग्रेस से जुड़े कुछ याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बनर्जी ने कहा कि निर्वाचन आयोग (ECI) कक्षा 10 के एडमिट कार्ड को स्वीकार नहीं कर रहा है। इस पर जस्टिस बागची ने सवाल उठाया कि जब SIR से संबंधित प्रेस विज्ञप्ति में ही इसे मान्य दस्तावेजों में शामिल किया गया है, तो ECI इसे कैसे अस्वीकार कर सकता है।

बनर्जी ने दलील दी कि ECI केवल कक्षा 10 की रिजल्ट शीट स्वीकार करने पर अड़ा है, जबकि जन्मतिथि केवल एडमिट कार्ड में अंकित होती है, परिणाम पत्र में नहीं। इस पर जस्टिस बागची ने टिप्पणी की,

“राज्य बोर्ड द्वारा जारी एडमिट कार्ड को एक वैधानिक अनुमान प्राप्त होता है। यदि इसे जारी किया गया है, तो इसे स्वीकार किया जाना चाहिए।”

जस्टिस दीपांकर दत्ता ने भी इस बात से सहमति जताते हुए कहा कि कक्षा 10 का एडमिट कार्ड स्वीकार करना आवश्यक है, क्योंकि पास सर्टिफिकेट या रिजल्ट कार्ड में जन्मतिथि का उल्लेख नहीं होता। उन्होंने कहा,

“पश्चिम बंगाल राज्य बोर्ड जन्मतिथि एडमिट कार्ड में दर्ज करता है, पास सर्टिफिकेट में नहीं। यदि आप केवल पास सर्टिफिकेट की मांग करेंगे, तो उसमें जन्मतिथि होगी ही नहीं। ऐसे में एडमिट कार्ड को स्वीकार करना ही होगा।”

निर्वाचन आयोग की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट राकेश द्विवेदी ने कहा कि याचिकाकर्ताओं ने यह मुद्दा अपनी लिखित दलीलों में स्पष्ट रूप से नहीं उठाया है। हालांकि, बनर्जी ने इस दावे का खंडन करते हुए याचिका के संबंधित अंशों की ओर इशारा किया और ECI द्वारा जारी उस प्रेस विज्ञप्ति का भी हवाला दिया, जिसमें एडमिट कार्ड स्वीकार न किए जाने की बात कही गई थी।

इस पर द्विवेदी ने कहा कि वह इस मुद्दे पर निर्वाचन आयोग से निर्देश लेकर कोर्ट को अवगत कराएंगे।

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