सीएम सिद्धारमैया के इशारे पर धमकियां मिलने का आरोप लगाने वाली महिला की याचिका खारिज, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- 'कोर्ट में कोई राजनीतिक लड़ाई नहीं'
सुप्रीम कोर्ट ने एक महिला की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार किया। महिला ने आरोप लगाया था कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इशारे पर उसे धमकियां मिल रही हैं, ताकि उसकी संपत्ति पर कब्ज़ा किया जा सके।
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने इस मामले को वापस लिया गया मानकर खारिज किया। साथ ही याचिकाकर्ता को कर्नाटक हाईकोर्ट जाने का विकल्प खुला रखा। जब याचिकाकर्ता ने राज्य में प्रवेश करने पर अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निर्देश देने का अनुरोध किया तो जस्टिस मेहता ने बताया कि याचिका को ई-फाइल करने का विकल्प भी उपलब्ध है।
सुनवाई के दौरान, याचिकाकर्ता के वकील ने दावा किया कि लगातार मिल रही धमकियों के कारण उसे कर्नाटक छोड़कर दिल्ली आना पड़ा।
इसके जवाब में जस्टिस नाथ ने सवाल किया,
"क्या कर्नाटक के मुख्यमंत्री दिल्ली में भी आपके पीछे लोग भेज रहे हैं?"
वकील ने जवाब दिया,
"दिल्ली में नहीं। कर्नाटक में। मैं वापस जाकर अपनी रिहायशी संपत्ति में रहना चाहती हूं। मैंने कई बार पुलिस में शिकायतें दर्ज कराई हैं। मेरे पक्ष में कोर्ट के आदेश भी आए हैं। इसके बावजूद, धमकियां अभी भी जारी हैं। जनवरी में मामला इतना बढ़ गया था कि मेरे घर पर पत्थरबाज़ी हुई, गुंडे घर में घुस आए... उन्होंने तोड़फोड़ की, नुकसान पहुंचाया और मेरी संपत्ति लूट ली। वे मेरी संपत्ति पर कब्ज़ा करना चाहते हैं।"
हालांकि, बेंच ने यह भी गौर किया कि याचिकाकर्ता का खुद एक राजनीतिक पृष्ठभूमि है और वह कोर्ट के अंदर एक राजनीतिक लड़ाई लड़ रही है।
इसी नज़रिए को देखते हुए बेंच ने उसकी याचिका पर सुनवाई करने से इनकार किया।
Case Title: SUSHMA S ARADHYA AND ANR. Versus STATE OF KARNATAKA AND ORS., W.P.(Crl.) No. 108/2026