एक ही विवादित आदेश से जुड़ी याचिकाओं को अलग-अलग बेंच के सामने लिस्ट करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रजिस्ट्री को फटकार
सुप्रीम कोर्ट ने रजिस्ट्री के उस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई का संकेत दिया, जिसने एक ही FIR में एक ही विवादित आदेश से जुड़ी याचिका को कोर्ट की अलग-अलग बेंच के सामने लिस्ट किया था।
जस्टिस राजेश बिंदल और जस्टिस अतुल एस चंदुरकर की बेंच के सामने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले से जुड़ा एक मामला आया, जिसमें अलग-अलग आरोपियों ने सुप्रीम कोर्ट में दो याचिकाएं दायर की थीं, जिनमें से एक याचिका जस्टिस बीवी नागरत्ना की बेंच के सामने लिस्ट की गई और दूसरी इस बेंच के सामने लिस्ट की गई।
यह देखते हुए कि मामला पहले से ही दूसरी बेंच के पास था, जहां नोटिस पहले ही जारी किया जा चुका था और विवादित आदेश पर रोक लगा दी गई। जस्टिस बिंदल की बेंच ने एक ही विवादित आदेश से जुड़ी दूसरी याचिका को अपनी बेंच के सामने लिस्ट किए जाने पर नाराजगी जताई।
कोर्ट ने कहा,
"माननीय चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया से उचित आदेश प्राप्त करने के बाद वर्तमान याचिका को भी जस्टिस बी.वी. नागरत्ना की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने लिस्ट किया जाए।"
साथ ही कोर्ट ने कहा कि गलती करने वाले अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
कोर्ट ने आदेश दिया,
"रजिस्ट्री को निर्देश दिया जाता है कि वह चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के सामने पूरे तथ्य रखे कि हाईकोर्ट द्वारा एक ही FIR से जुड़े एक ही विवादित आदेश के खिलाफ इस कोर्ट में दायर की गई दो याचिकाओं को अलग-अलग बेंच के सामने क्यों लिस्ट किया गया। दोषी अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।"