सुप्रीम कोर्ट ने रेप की सज़ा के ख़िलाफ़ तरुण तेजपाल की याचिका पर नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने गोवा सरकार को नोटिस जारी किया। यह नोटिस 'तहलका' मैगज़ीन के पूर्व एडिटर-इन-चीफ तरुण तेजपाल की याचिका पर जारी किया गया, जिसमें उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फ़ैसले को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें 2013 में एक सहकर्मी के साथ रेप के मामले में दस साल की सज़ा सुनाई गई थी।
जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की।
तेजपाल की ओर से सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने कहा कि यह ऐसा मामला है, जिसमें हाईकोर्ट ने बरी किए जाने के फ़ैसले को पलट दिया।
सिब्बल ने कहा,
"यह फ़ैसला पलटने का मामला है; अपील का अधिकार है, मैंने सरेंडर कर दिया।"
जब बेंच ने राज्य सरकार को नोटिस जारी करने पर सहमति जताई तो सिब्बल ने सज़ा पर रोक लगाने की सुनवाई के लिए एक निश्चित तारीख तय करने का अनुरोध किया।
बेंच ने कहा कि वह इस पर विचार करेगी।
पिछले महीने, जस्टिस आलोक अराधे ने तेजपाल को 3 हफ़्ते के भीतर सरेंडर करने और 22 सितंबर से पहले सरेंडर सर्टिफ़िकेट जमा करने का निर्देश दिया था, ताकि कोर्ट उनकी अपील पर मेरिट के आधार पर सुनवाई कर सके।
उल्लेखनीय है कि गोवा सरकार ने भी सज़ा को बढ़ाकर उम्रकैद करने के लिए कोर्ट का रुख किया। हालांकि, उन्होंने दोषी ठहराए जाने के फ़ैसले को चुनौती नहीं दी।
Case Details: TARUNJIT TEJPAL Vs THE STATE OF GOA|Diary No. 50909 / 2026