'FSSAI मौजूद है': खाद्य सुरक्षा के लिए कोर्ट निगरानी समिति बनाने की मांग वाली PIL सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की

Update: 2026-04-10 11:12 GMT

सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में खाद्य सुरक्षा नियमों के प्रभावी पालन के लिए नेशनल टास्क फोर्स गठित करने की मांग वाली जनहित याचिका (PIL) को खारिज कर दिया है।

जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने इस याचिका पर सुनवाई की, जिसमें नागरिकों को असुरक्षित और अस्वच्छ भोजन दिए जाने का मुद्दा उठाया गया था। याचिकाकर्ता डॉ. के.ए. पॉल ने अपने दावों के समर्थन में विभिन्न अखबारों की रिपोर्ट्स का हवाला दिया था।

कोर्ट की टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि—

याचिका में पर्याप्त और विश्वसनीय साक्ष्य का अभाव है

केवल अखबारों की खबरों के आधार पर न्यायिक हस्तक्षेप उचित नहीं ठहराया जा सकता

कोर्ट ने यह भी कहा कि—

फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के तहत पहले से ही एक विशेषज्ञ संस्था FSSAI (फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया) काम कर रही है

ऐसे में कोर्ट “सुपर-रेगुलेटर” की भूमिका नहीं निभा सकता

महत्वपूर्ण टिप्पणी

कोर्ट ने स्पष्ट किया—

अनुच्छेद 32 के तहत कोर्ट का अधिकार क्षेत्र मौलिक अधिकारों के संरक्षण तक सीमित है

यह किसी तकनीकी क्षेत्र में प्रबंधन या निगरानी की भूमिका निभाने के लिए नहीं है

कोर्ट ने कहा:

“जब तक यह साबित न हो कि मौजूदा व्यवस्था पूरी तरह विफल है, तब तक कोर्ट अपने विवेक को नियामक संस्था पर थोप नहीं सकता।”

निष्कर्ष

कोर्ट ने पाया कि—

याचिकाकर्ता कोई ठोस आंकड़े या प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सके

कुछ छिटपुट घटनाएं पूरे सिस्टम की विफलता साबित नहीं करतीं

इसी आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया।

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